चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने मंगलवार को मकर संक्रांति के मौके पर चंडीगढ़ ट्रांसपोर्ट अंडरटेकिंग (सीटीयू) के बेड़े में 60 नई बसों को शामिल करते हुए हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने मंच से अधिकारियों को कई संदेश दिए। कहा कि शहर में गाड़ियों की संख्या बहुत ज्यादा है। इसे कम करने के लिए एक नीति पर काम करना चाहिए या पार्किंग इतनी महंगी होनी चाहिए कि लोग गाड़ियां बाहर निकालने की जरूरत न समझें। प्रशासक ने विभाग को भी कई निर्देश दिए।
राज्यपाल ने बताया कि सीटीयू ने पर्यावरण के अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के लिए बड़ी पहल की है। उन्होंने घोषणा की कि चंडीगढ़ प्रशासन का लक्ष्य है कि 2026-27 तक सीटीयू का बेड़ा 100 फीसदी इलेक्ट्रिक बसों का बन जाए। इससे न केवल डीजल की खपत में कमी आएगी, बल्कि वायु प्रदूषण में भी सुधार होगा। इस दिशा में प्रशासन पहले ही 80 इलेक्ट्रिक बसों को बेड़े में शामिल कर चुका है, जिससे 29.81 लाख लीटर डीजल की बचत और 7,872 मीट्रिक टन कार्बन उत्सर्जन में कमी हुई है। पीएम ई-बस योजना के तहत 100 और इलेक्ट्रिक बसों को जल्द ही शामिल किया जाएगा। सीटीयू के इस बेड़े विस्तार के साथ अब इसमें कुल 684 बसें हो गई हैं। इनमें शहरी और उप-शहरी सेवाओं के लिए 438 बसें तैनात हैं, जबकि 220 बसें लंबी दूरी के रूट पर संचालित होंगी। प्रशासक ने सीटीयू कर्मचारियों के लिए सुझाव दिया कि सभी कर्मचारी एक ही बैंक में खाता खोलें। ऐसा करने से न केवल कर्मचारियों को बेहतर बीमा सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि विभाग पर प्रशासनिक कार्यभार भी कम होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इससे कर्मचारियों की आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। इस अवसर पर मुख्य सचिव राजीव वर्मा, सचिव परिवहन अजय चगती, परिवहन निदेशक प्रद्युमन सिंह और अन्य वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।
बसें जहां रुकती हैं, वहां भी सुविधाएं भी मिलनी चाहिएः प्रशासक
प्रशासक ने कहा कि सीटीयू की प्रति किमी की आय कम है, उसे बढ़ाने की जरूरत है। विभाग को यह पता होना चाहिए कि दो साल पहले प्रति किमी कितने रुपये खर्च कर रहे थे और कमा कितना रहे हैं और अब से इसे तुलना करते रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि सीटीयू को फीडबैक, कंट्रोल रूम आदि का सिस्टम बनाना चाहिए। अगले साल के अंत तक रायपुर कलां में भी एक डिपो भी बन रहा है। साल के अंत तक बन जाएगा। प्रशासक ने कहा कि सीटीयू की बसें जहां रुकती हैं, वहां भी लोगों को सुविधाएं भी मिलनी चाहिए ये विभाग सुनिश्चित रहे। साथ ही गाड़ी की लाइव ट्रैकिंग, ई-टिकटिंग आदि की भी जरूरत है। उन्होंने लोगों से भी आह्वान किया कि अपनी निजी गाड़ियों को छोड़कर बसों का इस्तेमाल करें क्योंकि शहर में गाड़ियों की संख्या काफी ज्यादा है। उन्होंने मुख्य सचिव को देखते हुए कहा कि इसके लिए प्रशासन को एक नीति बनाने की जरूरत है या पार्किंग इतनी महंगी हो कि लोग अपनी गाड़ी निकालने की जरूरत ही न समझें।
नए बसों में सीसीटीवी के साथ पैनिक बटन, मोबाइल चार्जिंग की सुविधा
नई शामिल 60 बसें आधुनिक सुविधाओं से लैस हैं। इनमें इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्टेशन सिस्टम (आईटीएस), स्मार्ट कार्ड सुविधा और ट्राई-सिटी मोबाइल एप जैसी तकनीकें शामिल हैं। ये सुविधाएं यात्रियों को बस की लाइव लोकेशन, समय और किराए की जानकारी देंगी। इससे लोगों को काफी फायदा होगा। ये बसें यात्रियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए तैयार री गई है, जिसमें पैनिक बटन, सीसीटीवी कैमरे और हर सीट पर मोबाइल चार्ज करने के लिए चार्जिंग पॉइंट लगाए गए हैं।
इन रूटों पर चलेंगी ये 60 बसें
चंडीगढ़ से दिल्ली, सिरसा, नारनौल वाया रोहतक, तलवंडी साबो, शिमला, अमृतसर, लुधियाना, ज्वाला जी, यमुना नगर, भिवानी वाया जींद, फतेहाबाद वाया पटियाला, कोटद्वार, गुरदासपुर वाया होशियारपुर-मुकेरियां, टनकपुर वाया हरिद्वार, मनाली वाया मंडी, बैजनाथ वाया कांगड़ा, अमृतसर वाया जालंधर, शहतलाई वाया ऊना, हरिद्वार वाया सहारनपुर, देहरादून वाया पांवटा साहिब, सुजानपुर वाया ऊना, जयपुर वाया 152डी, बरवाला वाया नरवाना व भानभौरी माता, पलवल वाया दिल्ली, सुल्तानपुर लोधी वाया कपूरथला व जालंधर, ऋषिकेश वाया पांवटा साहिब के लिए बसें चलेंगी।