चंडीगढ़। सावन का महीना सोमवार से शुरू हो रहा है। शिवालयों में हर-हर महादेव के जयकारे लगेंगे। हालांकि, कोरोना ने भगवान और भक्त के बीच दूरी बढ़ा दी है। शिव का प्रिय मास सावन सोमवार से शुरू होने वाला है। शिव भक्त शिवालयों में पहुंचकर अपने परिवार के साथ भगवान का जलाभिषेक करते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं होगा। कोरोना काल में दूर से ही जलाभिषेक स्टैंड में जल डालकर भगवान का जलाभिषेक करेंगे। कई मंदिर कमेटियों ने जलाभिषेक स्टैंड बना भी लिया है।
सेक्टर-19 के श्री बाबा बालक नाथ मंदिर में अनलॉक वन के समय में ही भक्तों के लिए जलाभिषेक स्टैंड बना लिया गया था। लोग उसी जलाभिषेक स्टैंड से भगवान पर जला चढ़ाते हैं। अपने घरों से लोटे में जल लेकर आते हैं। कई लोग केवल लोटा लेकर ही आते हैं और मंदिर में जल लेकर भगवान पर चढ़ाते हैं। सेक्टर-28 के खेड़ा शिव मंदिर के अलावा सेक्टर-22 के श्री सनातन धर्म मंदिर में भी भक्तों के लिए मंदिर प्रबंधन ने जलाभिषेक स्टैंड बनवाया है। इससे भक्तों को शिवलिंग का स्पर्श नहीं करना होगा और जलाभिषेक भी हो जाएगा।
सावन में प्रसाद के लिए नहीं लगेगी लाइनें
सेक्टर-30 के शिव शक्ति मंदिर के प्रमुख पुजारी पंडित श्याम सुंदर शास्त्री ने बताया कि इस बार बाबा का शृंगार केवल फूलों से ही होगा। पहले हर रोज अलग-अलग किस्मों से बाबा का शृंगार किया जाता था। कोरोना के कारण अब सामाजिक दूरी बरकरार रखनी है। इस कारण मंदिर में बाबा का फूलों से ही शृंगार किया जाएगा। शृंगार दर्शन के लिए भी भीड़ नहीं होगी। एक आएंगे तभी दूसरे को दर्शन को मौका मिलेगा। उन्होंने कहा कि सभी भक्तों को इस संबंध में पता है। साथ ही सभी समझदार भी हैं। इस बार मंदिर की ओर से भक्तों को प्रसाद भी नहीं दिया जाएगा। इससे लोग लाइन में भी नहीं लगेंगे। पिछले वर्षों में एक हजार से भी अधिक भक्त शृंगार दर्शन के बाद बाबा पर चढ़ाया प्रसाद के लिए लाइन में लगते थे।