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Chandigarh News: त्योहारी सीजन में गुलजार रहा बाजार, जीएसटी कलेक्शन में 20 फीसदी वृद्धि

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चंडीगढ़। त्योहारी सीजन में इस बार बाजार गुलजार रहा है। इसकी गवाही नवंबर महीने के जीएसटी कलेक्शन के आंकड़े दे रहे हैं। नवंबर में जीएसटी कलेक्शन में 20 फीसदी की वृद्धि हुई है। अक्तूबर महीने में भी कलेक्शन 16 फीसदी बढ़ा था। हालांकि, सितंबर में बाजार ने मायूस किया था और कोरोना के दौर के बाद पहली बार शहर के जीएसटी कलेक्शन में कमी आई थी लेकिन पिछले दो महीनों से हो रही बढ़ोतरी ने शहर की मजबूत अर्थव्यवस्था के संकेत दिए हैं।
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माल और सेवा कर (जीएसटी) पेट्रोल और शराब को छोड़कर अन्य पर वसूला जाता है। जीएसटी, एक्साइज और वैल्यू एडेड टैक्स (वैट) चंडीगढ़ प्रशासन के राजस्व में अहम भूमिका निभाते हैं। हर महीने की पहली तारीख को जीएसटी संग्रह के आंकड़े जारी किए जाते हैं। पिछले साल नवंबर के महीने में 210 करोड़ का जीएसटी कलेक्शन हुआ था लेकिन इस बार करीब 253 करोड़ का कलेक्शन हुआ है। यह बताता है कि शहरवासियों ने इस बार त्योहारी सीजन में जमकर खरीदारी की है। इस बार खूब गाड़ियां भी बिकी हैं। अक्तूबर माह में 6,837 गाड़ियां बिकीं तो नवंबर माह में भी 3,339 गाड़ियों की बिक्री हुई है। जीएसटी कलेक्शन में गाड़ियों की बिक्री से आया राजस्व अहम भूमिका निभाता है। कोरोना के बाद से लगातार जीएसटी संग्रह में वृद्धि दर्ज की जा रही थी लेकिन अचानक सितंबर महीने में 10 फीसदी की गिरावट देखी गई लेकिन अक्तूबर माह में 16 फीसदी और नवंबर माह में 20 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। प्रशासन के अधिकारियों को उम्मीद है कि पूरे वित्त वर्ष 2024-25 में बेहतर जीएसटी संग्रह होगा।

वित्तीय वर्ष 2023-24 चंडीगढ़ के लिए रहा काफी बेहतर

जीएसटी संग्रह के मामले में वित्तीय वर्ष 2023-24 चंडीगढ़ के लिए काफी बेहतर रहा था। इस पूरे वर्ष 2500 करोड़ से ज्यादा का जीएसटी कलेक्शन हुआ। ये वित्त वर्ष 2022-23 से ज्यादा था। जीएसटी कलेक्शन हमें यह ट्रेंड दिखाने में मदद करता है कि अर्थव्यवस्था किस तरफ जा रही है। कोरोना वायरस की वजह से लगे लॉकडाउन के बाद से लगातार एक साल तक शहर के जीएसटी संग्रह में कमी आई थी लेकिन उसके बाद से लगातार बढ़ोतरी दर्ज हो रही थी। प्रशासन के एक अधिकारी के अनुसार गिरावट के कई कारण हो सकते हैं। जैसे, त्योहारी सीजन की मांग में कमी, जीएसटी रिटर्न में देरी या अनियमितता आदि। कई बार व्यापारियों की ओर से समय पर रिटर्न फाइल न करने के कारण भी जीएसटी कलेक्शन में कमी देखी जाती है।
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