चंडीगढ़। शहर के एथलेटिक्स से जुड़े लोग और खिलाड़ियों के लिए वर्ष का इंतजार आखिर खत्म हो गया। सेक्टर-7 स्थित स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में शहर का पहला आठ लाइन वाला सिंथेटिक ट्रैक बनकर पूरा हो गया है। अगले कुछ दिनों बाद एथलीट इस ट्रैक पर दौड़ते नजर आएंगे। अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स फेडरेशन के मान्यता प्राप्त इस आठ लेन वाले सिंथेटिक ट्रैक के बिछने के बाद चंडीगढ़ और आसपास के राज्यों के एथलीट यहां पर अभ्यास कर सकेंगे। साथ ही यहां पर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं की मेजबानी और आयोजन का भी रास्ता खुल गया है। इससे पहले ट्रैक के अभाव में खिलाडिय़ों को ट्रेनिंग के लिए पंचकूला के सेक्टर-3 स्थित ताऊ देवीलाल स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में जाना पड़ता था। इस स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में एथलेटिक ट्रैक का निर्माण 1970 के दशक के दौरान हुआ था। 1997-98 के दौरान यहां पर सिंडर का एथलेटिक ट्रैक से बिछाया गया। जिस पर खिलाड़ी अभ्यास करते थे। 6 करोड़ की लागत से बना ट्रैक
सिंथेटिक ट्रैक पर लगभग छह करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। वार्मअप वाले एरिया के पूरा होते ही इस सिंथेटिक ट्रैक को खेल विभाग के हवाले कर दिया जाएगा। यह ट्रैक ऑल वेदर है और किसी भी मौसम में यहां पर ट्रेनिंग की जा सकती है। यहां पर फ्लड लाइट्स लगाई गई है। इससे रात में अभ्यास किया जा सकेगा। सिंथेटिक्स ट्रैक पर पूरी मारकिंग हो चुकी है। लाइट्स को देखने के लिए बंगलूरू की निरीक्षण टीम इस जगह का दौरा कर चुकी है। सिंथेटिक्स ट्रैक के बाहर के एरिया में अभी काम चल रहा है। यह एरिया वार्मअप के लिए दौड़ के लिए बनाया जा रहा है।
मिल्खा सिंह का सपना पूरा हुआ
पद्मश्री और शहर की शान रहे मिल्खा सिंह की शहर में सिंथेटिक ट्रैक बनवाने का सपना था। इसके लिए वे समय समय पर प्रशासन के अधिकारियों से के पास जाते रहे। कई तरह के प्रयास किए। उनके जीते जी यह सपना पूरा नहीं हो पाया।