चंडीगढ़। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सोमवार को चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी के खिलाफ दाखिल याचिका पर सख्त रुख अपनाते हुए जांच की धीमी गति और निष्क्रियता पर कड़ी नाराजगी जताई। याचिका सेना के कर्नल पुष्पिंदर सिंह बाठ ने दायर की थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि पटियाला पुलिस अधिकारियों की ओर से उन पर किए गए हमले की निष्पक्ष जांच नहीं हो रही और आरोपी पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी में जानबूझकर ढिलाई बरती जा रही है।
जस्टिस राजेश भारद्वाज की एकल पीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के वकील ने हाईकोर्ट को बताया कि मामले में आरोपी पुलिस अधिकारियों के खिलाफ गंभीर आरोप हैं लेकिन चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी ने अभी तक न तो उन्हें गिरफ्तार किया और न ही निष्पक्ष जांच की दिशा में कोई ठोस कदम उठाया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जांच को प्रभावित करने में कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी संलिप्त हो सकते हैं। याची ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी को सौंपी जाए ताकि जांच प्रभावित न हो। याची ने कहा कि इस मामले में दोषी पुलिस अधिकारियों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। हाईकोर्ट ने जांच में देरी पर असंतोष व्यक्त करते हुए स्पष्ट कहा कि यदि पुलिस ने अपने दायित्वों का निर्वहन नहीं किया तो यह मामला किसी अन्य स्वतंत्र एजेंसी को सौंपा जा सकता है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि अगली सुनवाई 16 जुलाई को होगी। इस दौैरान एसआईटी प्रमुख को पूरी पुलिस फाइल के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होना होगा।