चंडीगढ़। लोक आस्था और सूर्य उपासना का चार दिवसीय पर्व शनिवार से नहाय-खाय के साथ शुरू होगा। व्रती महिलाएं और श्रद्धालु स्नान करने के बाद भगवान की पूजा करेंगे। इसके बाद प्रसाद बनाने का काम शुरू होगा। छठ पूजा में व्रती महिलाएं या पुरुष 36 घंटे तक निर्जला व्रत रखते हैं। 27 अक्तूबर को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। अगली सुबह 28 अक्तूबर को उगते सूर्य के अर्घ्य प्रदान करने के साथ ही महापर्व का समापन होगा। व्रतियों ने अपनी तैयारी पूरी कर ली है।
चंडीगढ़ में छठ पूजा के लिए व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। घाटों की सफाई और जल गुणवत्ता का ध्यान रखा जा रहा है ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। व्रती महिलाओं ने पूजा की तैयारियों के लिए चावल और गेहूं बीनने का काम पूरा कर लिया है। गेहूं को धोकर सुखाने का काम चल रहा है। गेहूं को शुद्ध तरीके से पीसा जाएगा। इसके आटे से ठेकुआ प्रसाद तैयार होगा।
यह कहना है व्रतियों का
महापर्व पर घर में धर्ममय माहौल
घर में पूर्ण तौर पर महापर्व का माहौल है। सुबह से ही छठ के गीत बजने शुरू हो जाते हैं। खुद भी छठ के गीत गुनगुना लेती हूं। नहाय-खाय में सबसे पहले सुबह उठकर धरती मां को प्रणाम कर काम में जुटना होता है। स्नान-ध्यान के बाद शुद्ध मन से अरवा चावल का भात, चने की दाल और घीया की सब्जी तैयार की जाती है। भगवान को भोग अर्पित करने के बाद प्रसाद ग्रहण किया जाता है। उसके बाद परिवार के लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। घर में इस महापर्व को लेकर बहुत उत्साह है। -ज्योति कुमारी, पेक, सेक्टर-12 चंडीगढ़।
घर से ही गीत गाते हुए घाट पर जाते हैं
महापर्व का पूरा साल इंतजार रहता है। अब वह समय आ गया है। सेक्टर-29 के बल शिव मंदिर के साथ लगते ग्राउंड में छठ घाट तैयार किया गया है। वहां पर अस्ताचलगामी सूर्य और अगली सुबह उगते सूर्य के अर्घ्य प्रदान करने के बाद महापर्व का समापन होगा। छठ की सभी तैयारियां की जा रही हैं। इस पर्व में शुद्धता का पूरा ख्याल रखा जाता है। -प्रमिला देवी निवासी सेक्टर-29, चंडीगढ़