चंडीगढ़। शहर बसने से पहले सेक्टर-38 गांव शाहपुर था। यहां रहने वाले लोगों को शनिवार को मिट्टी की खुशबू खींच लाई। गुरुद्वारा साहिब सेक्टर-38 शाहपुर में शनिवार को गांव के लोग मिले। एक-दूसरे का हाल जाना और पुराने दोस्तों ने एक-दूसरे की खूब बातचीत की। गुरुद्वारा साहिब में माथा टेका। कीर्तन श्रवण के बाद लंगर का प्रसाद ग्रहण किया।
गुरुद्वारा साहिब का निर्माण वर्ष 1946 में हुआ था। गुरुद्वारा साहिब के प्रधान तारा सिंह ने बताया कि तीन एकड़ क्षेत्र में फैले गुरुद्वारा साहिब की जमीन गांववालों ने दी थी। इस जमीन की मुआवजा भी नहीं लिया था। जमीन अधिग्रहण के बाद गांव शाहपुर के लोग चंडीगढ़ के दूसरे सेक्टरों और आसपास के गांव में बस गए। इनमें कुछ बनूड़ के पास गांव दैड़ी, मोहाली के सूदां चडियाला, माणकपुर, खेड़ा गज्जू, धनौड़ा, रायवाली सहित अन्य जगहों पर जाकर बस गए। बीते दस वर्षों से लोग साल में एक बार गुरुद्वारा साहिब आकर एक-दूसरे से मिलते हैं।
तारा सिंह ने कहा कि लोग अपनी जड़ों को नहीं भूले हैं। अगले वर्ष बड़ा कार्यक्रम आयोजित होगा। कार्यक्रम में बाहर बस गए लोगों को परिवारों के साथ आने का न्योता दिया है, ताकि बच्चे जान सकें कि उनके पूर्वज कहां पर रहते थे। तारा सिंह न बताया कि जाते हुए सभी लोगों को जलेबी का प्रसाद दिया गया। इस अवसर पर हरवंश सिंह, बंत सिंह, सुरमुख सिंह, बारा सिंह, स्वर्ण सिंह, कर्म सिंह, बहाल सिंह, जसबीर सिंह, अजायब सिंह, शीतल सिंह, सुशील कुमार सहित बड़ी संख्या में लोग पहुंचे।