पंजाब यूनिवर्सिटी के गेट नंबर-3 (टी-प्वाइंट), शमशान घाट से होते हुए सेक्टर-25 की लाइटों तक जाने वाली सड़क कई जगह से टूट गई थी। इसे ठीक करने के लिए यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने करीब दो दिन लगाकर कई हिस्सों को ठीक किया और सड़क की एक परत बिछा दी।
चंडीगढ़ में एक हफ्ते पहले सेक्टर-25 स्थित शमशान घाट के सामने की सड़क को ठीक किया गया था। सड़क को ठीक करने के लिए इस कदर घटिया क्वालिटी के सामान का इस्तेमाल किया गया कि यह तीन दिन बाद ही टूटनी शुरू हो गई। सात दिन बीतने के बाद सड़क को ठीक करने के लिए जो परत बिछाई गई, उसमें ही बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं।
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चुनावी माहौल में कोई नुकसान न हो इसलिए इस सड़क को ठीक कराने के लिए विभाग को कहा गया था। चुनाव के लिए इस सड़क को ठीक किया गया, लेकिन चुनाव खत्म होने से पहले ही ये टूट गई। अब दूसरी बार बनाने की नौबत आ गई है।
पंजाब यूनिवर्सिटी के गेट नंबर-3 (टी-प्वाइंट), शमशान घाट से होते हुए सेक्टर-25 की लाइटों तक जाने वाली सड़क कई जगह से टूट गई थी। इसे ठीक करने के लिए यूटी प्रशासन के इंजीनियरिंग विभाग ने करीब दो दिन लगाकर कई हिस्सों को ठीक किया और सड़क की एक परत बिछा दी। तीन दिन बाद ही नई बिछाई गई सड़क से बजरी अलग होने लगी और कुछ ही दिन में गड्ढे बन गए। कई जगह से नई बिछाई पूरी परत ही हट गई है। ये सबकुछ घटिया क्वालिटी के सामान का इस्तेमाल करने के वजह से हुआ है।
सड़क काफी दिन से खराब थी। मुझे किसी ने शाम को इसकी जानकारी दी तो अन्य अधिकारियों को फोन कर इसे ठीक कराने के लिए कहा। मध्य मार्ग पर एक जगह काम चल रहा था तो कर्मचारियों ने वहां से सामान लाकर रात में ही सड़क को ठीक कर दिया, जिसकी वजह से वह खराब हो गई है। यहां के लिए अलग बजट खर्च नहीं किया गया है। जहां काम चल रहा था, वहीं से सामान लाकर यहां लगाया गया था। -सीबी ओझा, चीफ इंजीनियर
इंडस्ट्रियल एरिया फेज-एक की सड़क भी खराब
यूटी प्रशासन इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1में सीटीयू वर्कशॉप से हल्लोमाजरा चौक तक की सड़क को चौड़ा करने और दो लेन करने का काम कर रहा है। करीब दो महीने पहले यहां सड़क बनाई गई जो अब कई जगह से टूट गई है। लोगों ने आरोप लगाया कि यहां बड़ा घोटाला हुआ है, जिसकी वजह से सड़कें टूटनी शुरू हो गई है। हालांकि चीफ इंजीनियर सीबी ओझा ने कहा कि वो सड़क अभी बनी नही है। सिर्फ एक परत बिछाई गई है। नियमों के तहत जहां सड़क को बढ़ाया जाता है, वहां एक परत बनाने के बाद सड़क को कुछ महीने के लिए छोड़ दिया जाता है, ताकि सड़क अच्छे से बैठ जाए। जहां सड़क ज्यादा टूटी है, उसे ठीक किया जा रहा है। सड़क की दूसरी व आखिरी लेयर मार्च महीने में बिछाई जाएगी। इसके बाद सड़क नहीं टूटेगी।