अदालत ने फैसला रखा सुरक्षित, मंगलवार को सुनाई जाएगी आरोपियों को सजा
तीन साल की बच्ची दिलरोज की हत्या का मामला
बच्ची को चॉकलेट दिलाने के नाम पर की थी पड़ोसी महिला ने निर्मम हत्या
संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। शिमलापुरी इलाके में नवंबर 2021 में तीन साल की बच्ची दिलरोज कौर की निर्मम हत्या करने के बाद उसे दफनाने के मामले में महानगर की अदालत ने आरोपी महिला नीलम को दोषी करार दिए जाने के बाद सोमवार को एक बार फिर सजा पर फैसला सुरक्षित रख लिया है।
आरोपी महिला नीलम को अदालत ने शुक्रवार को दोषी करार दिया था, जिसके बाद अदालत ने सोमवार को इस पर फैसला सुनाए जाने के लिए कहा था। सोमवार को फैसले की घड़ी आई तो अदालत ने इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया और मंगलवार को दुर्गाष्टमी के दिन सजा पर फैसला सुनाए जाने की बात कह डाली। इसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला नीलम को एक बार फिर जेल भेज दिया। हालांकि दिलरोज के पिता हरप्रीत सिंह और उनकी पत्नी अदालत से बार-बार गुहार लगा रहे हैं कि आरोपी महिला नीलम को इस जघन्य अपराध के लिए मौत की सजा सुनाई जाए।
उल्लेखनीय है कि तीन साल की मासूम बच्ची दिलरोज कौर को उसकी पड़ोसी महिला नीलम जिसके दो बच्चे हैं, वह चॉकलेट दिलाने का बहाना देकर उसे साथ ले गई। आरोपी महिला ने बच्ची को जिंदा दफनाने से पहले उसे गड्ढे में पटककर मारा था। इसी से बच्ची के माथे और सिर पर चोट लगी। नीचे गिरते ही बच्ची तेज-तेज चिल्लाने लगी। इसके बाद भी महिला को दया नहीं आई। उसने बच्ची के मुंह में मिट्टी भरने के बाद उसे दफना दिया और वहां से फरार हो गई। महिला आरोपी नीलम तलाकशुदा थी और अपने दो बच्चों के साथ अपने मायके परिवार के साथ ही रह रही थी। वह अक्सर इलाके में लोगों के साथ झगड़ा करती रहती थी, जिस कारण इलाका निवासी काफी परेशान थे। नीलम के परिवार वालों ने यह घर बेच दिया था और किसी अन्य जगह पर शिफ्ट होने वाले थे। रविवार को घर का आधा सामान शिफ्ट कर लिया गया और बाकी का सामान शिफ्ट होना था। मोहल्ले में आखिरी दिन था तो उसने सोची समझी साजिश के तहत ही बच्ची को अगवा किया और उसकी निर्मम हत्या कर दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर शव बरामद किया। तीन साल बाद आखिरकार परिवार को अदालत की तरफ से इंसाफ की उम्मीद जगी है। अदालत मंगलवार को इस मामले में अपना फैसला सुनाएगी।