चंडीगढ़। रेमडेसिविर दवा को अवैध तरीके से उत्पादन कर उसे बेचने के मामले में फार्मा कंपनी मालिक परमजीत अरोड़ा अब तक पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ है। हालांकि पुलिस ने उसे कई बार समन भेजकर जांच में शामिल होने को कहा है, लेकिन छह दिन बाद भी वह पुलिस के सामने आया है। मालिक परमजीत अरोड़ा से पूछताछ के बाद ही रेमडेसिविर दवा को अवैध तरीके से उत्पादन कर उसे बेचने के मामले उसकी भूमिका का खुलासा हो सकेगा।
17 अप्रैल को ऑपरेशन सेल ने सेक्टर-17 के एक होटल से केरल निवासी अभिषेक, फिलिप जैकब, केपी फ्रांसिस, साउथ दिल्ली के कालका निवासी सुशील कुमार, भोपाल निवासी प्रभात त्यागी को रेमडेसिविर दवा को अवैध तरीके से बेचने की डील करते पकड़ा था। इसके बाद पुलिस ने बद्दी स्थित फार्मा कंपनी के डायरेक्टर गौरव चावला को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि 11 अप्रैल को भारत सरकार ने रेमडेसिविर दवा की सप्लाई बंद कर दी थी। इसके बावजूद आरोपी बिना अनुमति के दवा का उत्पादन कर बेच रहे थे, जिसकी कीमत 4700 रुपये रखी गई थी। पुलिस ने आरोपियों का 4 दिन का रिमांड हासिल किया था। इसके बाद आरोपी फिलिप जैकब को कोरोना होने पर पुलिस ने उसे बुधवार और कंपनी के निदेशक गौरव चावला और समेत अन्य चार आरोपियों को वीरवार को जेल भेजा था।