चंडीगढ़। नगर निगम की लगातार कार्रवाई और लाखों रुपये के जुर्माने के बावजूद शहर में अतिक्रमण पर पूरी तरह लगाम नहीं लग सकी है। निगम का अतिक्रमण दस्ता रोजाना कार्रवाई कर चालान काट रहा है, लेकिन टीम के लौटते ही कई स्थानों पर दोबारा कब्जा हो जाता है। हालांकि इस अभियान से निगम के राजस्व में लगातार बढ़ोतरी हो रही है।
नगर निगम के अनुसार 25 जून 2026 तक केवल छह माह में 16,648 चालान काटे गए और 1.76 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना वसूला गया। मार्च, अप्रैल और मई में हर महीने 3,000 से अधिक चालान किए गए। मई 2026 में सर्वाधिक 3,003 चालान काटे गए, जिनसे 33.31 लाख रुपये का राजस्व मिला। वहीं जून में 25 तारीख तक 2,662 चालान कर 25.77 लाख रुपये जुर्माने के रूप में वसूले गए।
आंकड़ों के अनुसार 2024 में पूरे वर्ष 19,475 चालान काटे गए थे, जिनसे 2.06 करोड़ रुपये का राजस्व मिला। वहीं 2025 में कार्रवाई और तेज हुई। पूरे वर्ष 28,561 चालान किए गए, जो 2024 की तुलना में करीब 46 प्रतिशत अधिक रहे। इस दौरान 3.04 करोड़ रुपये से ज्यादा जुर्माना वसूला गया।
शहर में सेक्टर-15, 17, 19, 21, 22, 27, 28, 35 और मनीमाजरा समेत कई बाजार अतिक्रमण के प्रमुख केंद्र बने हुए हैं। नगर निगम के अतिक्रमण दस्ते में एक इंस्पेक्टर, 13 सब-इंस्पेक्टर तथा अलग-अलग टीमों के साथ ट्रक और श्रमिक तैनात हैं, जो नियमित रूप से कार्रवाई कर रहे हैं। बावजूद इसके, अतिक्रमण की समस्या अब भी बरकरार है।
चंडीगढ़ में अतिक्रमण पर नगर निगम की टीम काफी सख्ती कर रही है। इसको लेकर हम लगातार अभियान चला रहे हैं। उद्देश्य है कि शहर साफ-सुथरा रहे।-डॉ. इंदरजीत संयुक्त आयुक्त, नगर निगम चंडीगढ़