चंडीगढ़। केंद्र सरकार ने देशभर में गैस वितरण नेटवर्क के विस्तार को तेज करने के लिए बड़ा कदम उठाया है। पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय द्वारा 24 मार्च को जारी नए आदेश के तहत पाइपलाइन बिछाने और पीएनजी (पाइप नेचुरल गैस) कनेक्शन की मंजूरी प्रक्रिया को समयबद्ध और सरल बना दिया गया है। चंडीगढ़ प्रशासन ने भी इन प्रावधानों को लागू कर दिया है।
नए आदेश के अनुसार अधिकृत कंपनियां, जैसे इंडियन ऑयल और उनके ज्वाइंट वेंचर पार्टनर, अब सार्वजनिक और निजी जमीन पर निर्धारित शुल्क के साथ पाइपलाइन बिछा सकेंगी। इसके लिए संबंधित विभागों और भूमि मालिकों को ‘राइट ऑफ वे’ देना अनिवार्य होगा।
समयसीमा तय, देरी पर स्वतः मंजूरी
सरकार ने मंजूरी प्रक्रिया को तेज करने के लिए 10 से 60 दिनों की समयसीमा तय की है। यदि इस अवधि में अनुमति नहीं मिलती तो उसे स्वतः स्वीकृत माना जाएगा। इससे परियोजनाओं में देरी की समस्या काफी हद तक खत्म होने की उम्मीद है। शहरी क्षेत्रों के लिए विशेष प्रावधान किए गए हैं। रिहायशी सोसाइटियों में पाइपलाइन बिछाने की अनुमति तीन दिन के भीतर देनी होगी जबकि घरों में पीएनजी कनेक्शन के लिए 48 घंटे की समयसीमा तय की गई है। इससे उपभोक्ताओं को जल्दी और सुविधाजनक गैस कनेक्शन मिल सकेगा।
एलपीजी पर निर्भरता घटाने की तैयारी
आदेश का एक अहम प्रावधान यह भी है कि जिन क्षेत्रों में पीएनजी उपलब्ध हो जाएगी वहां तीन महीने के भीतर एलपीजी सिलिंडर की सप्लाई बंद की जा सकती है, यदि तकनीकी रूप से पीएनजी संभव हो। इसका उद्देश्य सुरक्षित, सस्ती और निर्बाध गैस आपूर्ति को बढ़ावा देना है। प्रशासन के इस फैसले से गैस इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार में तेजी आएगी और शहरों में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।