चंडीगढ़। बीते शनिवार शाम सेक्टर-25 में रैली ग्राउंड के पास दो नकाबपोश के भारत गैस एजेंसी के कैशियर से 4.30 लाख और बाइक लूट की कहानी झूठी निकली। मामले का खुलासा उस वक्त हुआ, जब पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को खंगाला, जिसमें वारदात का समय अलग था। पुलिस के अनुसार कैशियर ने ही लूट की झूठी कहानी बनाई थी, उसने योजनाबद्ध तरीके से रुपये दोनों युवकों को दे दिया था। पुलिस का दबाव बढ़ने पर शिकायतकर्ता खुद एजेंसी के मालिक को दो लाख रुपये वापस कर बोला कि उसने और रुपये किसी के उधार दे दिए। पुलिस का कहना है कि मामले में गैस एजेंसी की ओर से लिखित में शिकायत नहीं दी गई है। वारदात के बाद सेक्टर 11 थाना प्रभारी राजीव कुमार ने टीम गठित की। पुलिस टीम की जांच में दोनों युवक बिना नकाब के आए थे, जबकि शिकायतकर्ता दिलीप का कहना था कि आरोपी नकाबपोश थे। इसके बाद पुलिस के हाथ में एक सीसीटीवी फुटेज लगा, जिसमें वारदात के समय का काफी अंतर था। पुलिस जब सख्ती से पेश आई तो कैशियर ने अपना बयान बदल लिया और गैस एजेंसी के मालिक को दो लाख रुपये दे दिया। वहीं, बाकी के रुपये उसने अगले कुछ दिनों में देने को कहा है।
गौरतलब है कि शनिवार शाम करीब 5 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि सेक्टर-25 में रैली ग्राउंड के पास से दो नकाबपोश युवक एक गैस एजेंसी के कैशियर से बाइक और साढ़े चार लाख लूटकर फरार हो गए। शिकायतकर्ता ने बयान में बताया था कि वह सेक्टर-52 निवासी है और सेक्टर-25 में गैस एजेंसी में बतौर कैशियर कार्यरत है। शनिवार शाम वह एजेंसी के साढे़ चार लाख रुपये बाइक की डिग्गी में रखकर अटावा ब्रांच में पहुंचाने जा रहा था। इसी दौरान जब वह सेक्टर-25 में रैली ग्राउंड के पास पहुंचा तो दो नकाबपोश युवकों ने उसे घेरकर उसका रास्ता रोक लिया और उसके ही हेलमेट से उस पर हमला कर जबरन बाइक छीनकर फरार हो गए। इसके बाद पुलिस ने गैस एजेंसी के अधिकारियों से बातचीत की तो खुलासा हुआ कि दिलीप को एजेंसी के 3.59 लाख रुपये अटावा की ब्रांच में देने को कहा गया था। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया था कि लूटी गई बाइक की चाबी शिकायतकर्ता के पास ही है। ऐसे में पुलिस ने सभी एंगल से जांच शुरू कर दी थी।