पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनीत वर्मा की याचिका पर सुनवाई करते हुए एनआईआईएफटी मोहाली के डीजी अर्शदीप सिंह ठिंड को अवमानना नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
मामले में सुनीत वर्मा की ओर से एडवोकेट विकास चतरथ ने हाईकोर्ट के समक्ष अवमानना याचिका पर याची का पक्ष रखते हुए कहा कि याचिकाकर्ता
ने 14 जनवरी 1996 में अकाउंटेंट के तौर पर एनआईआईएफटी में पद संभाला था।
इसके बाद उन्हें डेपुटेशन पर एनएबीआई भेज दिया गया था।एनएबीआई में सेवाओं के दौरान उनका चयन फाईनेंस ऑफिसर के तौर पर हुआ और उन्होंने इस्तीफा दे दिया।
एनआईआईएफटी ने उनका इस्तीफा 14 सितंबर 2012 को स्वीकार कर लिया। इसके बाद उन्हें जो सेवाओं के लाभ जारी किए गए उसमें कई कटौतियां की गई। इसपर याची ने लीगल नोटिस भेजते हुए ग्रेचुटी, एसीपी 3, 2010-11 के एनुअल इंक्रीमेंट और 227 लीव इनकैशमेंट का लाभ मांगा।