चंडीगढ़ में एक बिल्डर द्वारा धोखाधड़ी का अजीबोगरीब मामला समाने आया है। यहां, चार कनाल प्लाट का पैसा लेकर बिल्डर ने गैर मुमकिन पहाड़ बेच डाला। यहां तक की जमीन की रजिस्ट्री भी हो गई लेकिन यह प्लाट शिकायतकर्ता को नहीं मिला। प्रापर्टी डेवलपर्स द्वारा आम लोगों का शोषण किया जा रहा है जो घोर निंदनीय है। इसे किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जा सकता और लॉ ऑफ लैंड के तहत मंजूरी भी नहीं दी जा सकती। यह टिप्पणी उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम-2 चंडीगढ़ ने सुनवाई के बाद की।
उपभोक्त फोरम ने दारा एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ सुनवाई करते हुए कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को छह लाख रुपये लौटाए। लौटाई जानेवाली राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज भी अदा करे। साथ ही 20 हजार रुपये मुआवजा और 10 हजार रुपये मुकदमा खर्च भी अदा करे।
शिकायतकर्ता डॉ. विकास दविंद्रा, इंचार्ज रेजिडेंस, रुरल हेल्थ ट्रेनिंग सेंटर पलसौरा सेक्टर-56 चंडीगढ़ ने खुड्डा लहौरा चंडीगढ़ स्थित मेसर्स दारा एस्टेट प्राइवेट लिमिटेड और इसके डायरेक्टर के खिलाफ उपभोक्ता फोरम में शिकायत दी थी। इसमें उन्होंने कहा कि दारा एस्टेट प्रतिनिधियों ने उन्हें अप्रोच किया और दारा इस्टेट द्वारा ‘व्हिस्पेरिंग ओक फार्म्स प्रोजेक्ट’ के बारे में जानकारी दी।