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पीयू में एग्जाम कराने व न कराने को लेकर छिड़ी जंग, शिक्षक बोले- प्रमोट किया तो पिछड़ जाएंगे

Wed, 27 May 2020 02:08 PM IST
पंचकुला ब्‍यूरो अमर उजाला, चंडीगढ़
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प्रतीकात्मक तस्वीर
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पंजाब यूनिवर्सिटी में इस समय सबसे बड़ी जंग एग्जाम कराने व न कराने को लेकर छिड़ी हुई है। छात्र संगठनों में एग्जाम को लेकर मतभेद सामने आ रहे हैं। लेकिन अधिकांश शिक्षकों का मत है कि एग्जाम होने चाहिए।
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एग्जाम ही वह पैमाना है, जिसके जरिये विद्यार्थियों की काबिलियत परखी जाती है। एग्जाम के अंकों के आधार पर विद्यार्थियों का भविष्य टिका होता है। यदि बिना एग्जाम के विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया गया तो उन्हें अपने भविष्य बनाने में पसीने छूटेंगे। जहां भी नौकरी के लिए जाएंगे तो सबसे पहले नौकरी उसी को मिलेगी, जिसकी डिग्री दमदार होगी। यानी जो विद्यार्थी एग्जाम देकर स्नातक व परास्नातक करके आया होगा, उसे प्राथमिकता मिलेगी।

ऐसे में शिक्षकों की राय है कि पीयू को परीक्षाएं हर हाल में लेनी चाहिए। हालांकि, परीक्षा का प्रकार बदला जा सकता है। पीयू यदि बिना एग्जाम के विद्यार्थियों को पिछले प्रदर्शन के आधार पर प्रमोट करता है तो हजारों री-अपीयर विद्यार्थियों के सामने एक और संकट खड़ा हो जाएगा। उन्हें किस आधार पर प्रमोट किया जाएगा या उनकी समस्या कैसे हल होगी। पीयू को समग्र रूप से सोचना होगा।
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आइए जानते हैं क्या कहते हैं पीयू के वरिष्ठ प्रोफेसर्स..

नौकरियों में उसी अभ्यर्थी को चयनित किया जाएगा या प्राथमिकता मिलेगी जिसकी डिग्री व मार्कशीट ठोस होगी। जब बिना एग्जाम के विद्यार्थियों को प्रमोट कर दिया जाएगा और वह अगले वर्षों में नौकरी के लिए कहीं इंटरव्यू देगें तो दिक्कतें आएंगी। छात्रों का डिग्री व मार्कशीट पर भविष्य टिका होता है। इसलिए परीक्षाएं आयोजित होनी चाहिए। चाहे प्रकार उसका कुछ भी हो।
- प्रो. देविंदर सिंह, लॉ विभाग

परीक्षा जरूर हों.. कैसे ली जाएंगी पीयू तय करे
छात्रों में परीक्षा कराने व न कराने को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति है। लेकिन उन्हें परीक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए। पीयू प्रशासन को परीक्षाएं करवानी चाहिए। परीक्षा का स्तर क्या है, कैसे ली जाएंगी यह अधिकारियों को तय करना होगा। विद्यार्थियों को भविष्य में दिक्कतें न हों, ऐसा प्लेटफार्म बनाना होगा।
- प्रो. नवदीप गोयल, अध्यक्ष, फिजिक्स विभाग

एग्जाम हों.. चाहे उसका नेचर कुछ बदलें
यदि विद्यार्थियों को बिना एग्जाम के पास कर दिया जाता है तो उनकी डिग्रियों पर फर्क पड़ेगा। किसी भी विद्यार्थी को जज करने का क्राइटेरिया एग्जाम ही होता है। डिग्री का महत्व कायम रहे, इसके लिए पीयू को एग्जाम करवाने की तैयारी करनी चाहिए। एग्जाम में सिलेबस कम किया जा सकता है। इंटरनल एग्जाम आदि का सहारा लिया जा सकता है। यानी एग्जाम हों चाहे उसका नेचर कुछ बदलें।
- प्रो. मोहम्मद खालिद, पूर्व अध्यक्ष, पुटा

परीक्षा करवाने के तरीके निकाले जा सकते हैं
परीक्षा ही एक ऐसा माध्यम है जिसके जरिये विद्यार्थियों की योग्यता पहचानी जाती है। डिग्री या मार्कशीट में दर्ज अंकों के आधार पर ही आगे जाकर विद्यार्थी नौकरी आदि पाते हैं। परीक्षा होनी चाहिए, चाहे भले ही इसका प्रकार कुछ बदला जा सकता है। हालांकि, पीयू में परीक्षाएं करवाने के तरीके निकाले जा रहे हैं। जल्द ही कुछ नई खबर सामने आएगी।
- प्रो. प्रिंस शर्मा, डीन साइंसेज, पीयू
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