चंडीगढ़। नवजात बच्चे को चुराकर चंडीगढ़ में एक शख्स को बेचने वाले गिरोह की आरोपी भावना की जमानत याचिका को जिला अदालत ने खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि भावना मामले की मुख्य आरोपी है। उससे नवजात बच्चे की रिकवरी भी हुई है। नवजात बच्चों को इस प्रकार सौदा करना एक गंभीर अपराध है। इसलिए आरोपी जमानत की हकदार नहीं है। गंभीर आरोप लगने के कारण जमानत मिलने पर वह सबूतों और गवाहों से छेड़छाड़ कर सकती है। इसलिए उसे जमानत नहीं दी जा सकती।
बीते 27 जनवरी को आरोपी ने याचिका दायर की थी। याचिका में आरोपी ने कहा था कि मामले में चालान पेश किया जा चुका है साथ ही आरोप भी तय किए जा चुके हैं। ट्रायल चलने में अभी समय लगेगा। 3 अगस्त 2020 को सेक्टर का 31 थाना पुलिस ने भावना समेत पांच आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी और 370 के तहत मामला दर्ज किया था। गिरोह ने लड़के की कीमत चार लाख और लड़की की कीमत लगभग 70 हजार से एक लाख रुपये तय कर रखी थी। पुलिस ने आरोपी सेक्टर-45 निवासी भावना (32), लुधियाना के गांव जलाल दिवाल निवासी मंदीप सिंह (35), पटियाला के गांव जहलन निवासी कुलदीप कौर (32), संगरूर के धूरी निवासी सरबजीत कौर (40) और बलौंगी थाने के कांस्टेबल अमरजीत सिंह को ड्यूटी मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर सात-सात दिन का रिमांड हासिल किया था। पुलिस ने पंजाब के बच्चा गिरोह की सूचना पर जाल बिछाकर सेक्टर-37 निवासी रविंदर कुमार का सेक्टर-45 निवासी भावना से संपर्क करवाकर सभी को गिरफ्तार किया था।