चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने बुधवार को यूटी सचिवालय में जनसुनवाई की। इस दौरान शहर के विभिन्न इलाकों से आए लोगों ने व्यक्तिगत समस्याओं के साथ-साथ नागरिक सुविधाओं और सार्वजनिक सेवाओं से जुड़ी शिकायतें उनके सामने रखीं।
प्रशासक ने सभी शिकायतें सुनीं और मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि हर नागरिक को समयबद्ध, प्रभावी और परेशानी मुक्त सेवाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जन शिकायतों के समाधान में किसी भी तरह की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आवश्यक सेवाओं की आपूर्ति बिना किसी बाधा के सुनिश्चित होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को यह भी हिदायत दी कि जनता को इधर-उधर चक्कर न लगवाए जाएं, बल्कि विभाग स्वयं आगे बढ़कर उनकी समस्याओं का हल निकालें।
अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन के साथ एमओयू की समीक्षा
इससे पहले दिन में कटारिया ने ओलंपिक स्वर्ण पदक विजेता अभिनव बिंद्रा से मुलाकात की। इस दौरान चंडीगढ़ प्रशासन के खेल एवं शिक्षा विभाग और अभिनव बिंद्रा फाउंडेशन ट्रस्ट के बीच हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) की प्रगति की समीक्षा की गई। राज्यपाल ने इस सहयोग के अंतर्गत चल रही पहलों की सराहना की और कहा कि इस तरह की साझेदारी से चंडीगढ़ को देश का एक प्रमुख खेल केंद्र बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस तरह के सामूहिक प्रयास युवाओं को बेहतर मंच देंगे और भविष्य के चैंपियनों को तैयार करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उन्होंने इस अवसर पर खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया।कहा कि चंडीगढ़ का लक्ष्य केवल खेल प्रतियोगिताओं में भागीदारी तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को तैयार करना भी है।