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Chandigarh News: प्रशासन उनके इंडस्टि्रयल प्लॉट की चाबी पकड़ ले और उन्हें कलेक्टर रेट ही दे दें

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चंडीगढ़। चंडीगढ़ में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस मॉडल लागू करने के मुद्दे पर मंगलवार को केंद्र सरकार की टास्क फोर्स टीम ने उद्योगपतियों से मुलाकात की। पीएचडीसीसीआई में हुई बैठक में उद्योगपतियों की नाराजगी खुलकर सामने आई। उन्होंने टास्क फोर्स से कहा कि प्रशासन 25-30 साल से नोटिसों के नाम पर उन्हें परेशान कर रहा है। हालात इतने बिगड़ चुके हैं कि उद्योगपतियों ने तंज करते हुए कहा कि प्रशासन हमारे इंडस्ट्री प्लॉट की चाबी पकड़ ले और बदले में सिर्फ कलेक्टर रेट ही दे दे।
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बैठक की अध्यक्षता नेशनल सेंटर फॉर गुड गवर्नेंस के डायरेक्टर जनरल व टास्क फोर्स चेयरमैन सुरेंद्र कुमार बगड़े ने की। एमएसएमई मंत्रालय के एडिशनल डेवलपमेंट कमिश्नर संजीव चावला भी मौजूद रहे।
उद्योगपतियों ने बताया कि पिछले 25 साल से उन्हें बिल्डिंग वॉयलेशन और मिसयूज के नोटिस मिल रहे हैं। इनमें जुर्माने की राशि अब उनके प्लॉट की कीमत से भी अधिक हो चुकी है। कहा कि इंडस्ट्रियल माहौल सुधरने की बजाय और खराब हो रहा है। बैठक में चंडीगढ़ इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के प्रेसिडेंट वरिंदर सलूजा, चंडीगढ़ इंडस्ट्रियल कन्वर्टेड प्लॉट ओनर्स एसोसिएशन के चेयरमैन चंदर वर्मा, चैंबर ऑफ चंडीगढ़ इंडस्ट्री के प्रेसिडेंट सुरिंदर गुप्ता, अरुण गुप्ता, विनोद मित्तल और नवीन मंगलानी सहित कई उद्योगपतियों ने अपनी समस्याएं रखीं।
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मुख्य शिकायतें:
लीज होल्ड को फ्री होल्ड में नहीं बदला गया
हर साल लाखों रुपये लीज मनी देने के बावजूद फ्री होल्ड प्रक्रिया रुकी पड़ी है। उद्योगपतियों ने कहा कि इससे प्रशासन को 700–800 करोड़ रुपये का राजस्व मिल सकता है।

एफएआर और निर्माण मंजूरी में बड़ी असमानता
मोहाली और पंचकूला में फ्लोर एरिया रेसियो (एफएआर) 2–3 पॉइंट तक है जबकि चंडीगढ़ में केवल 0.75 है। मोहाली में तीन मंजिला निर्माण की अनुमति है, लेकिन चंडीगढ़ में एक फ्लोर की अनुमति भी मुश्किल है।

सेंट्रल कोर्टयार्ड की बाध्यता से मशीनरी खराब
उद्योगपतियों ने कहा कि प्लॉट के बीच का हिस्सा खुला रखने की बाध्यता के कारण मशीनरी और माल खराब होता है, पर अस्थायी कवर लगाने तक की अनुमति नहीं है।

एमएसएमई एक्ट लागू करने की मांग
उद्योगपतियों ने कहा कि सर्विस सेक्टर को राहत देने के लिए एमएसएमई कानून लागू होना चाहिए लेकिन प्रशासन ने अपनी औद्योगिक नीति थोप दी है।

अधिकारियों से आज होगी महत्वपूर्ण बैठक
टास्क फोर्स बुधवार को इंडस्ट्री विभाग, डीसी और चीफ सेक्रेटरी से मुलाकात करेगी। बैठक में केंद्र की योजनाओं के क्रियान्वयन और चंडीगढ़ में औद्योगिक ढांचे को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों की समीक्षा होगी।
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