ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास की अदालत ने मोहाली के एसपी को गवाही से मुकरने पर दोषी मानते हुए दो साल कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने एसपी को पांच हजार रुपये का जुर्माना भी किया है।
अदालत से सजा पाने वाले सरबजीत सिंह पंधेर इस समय मोहाली में एसपी (इंडस्ट्री एवं सिक्योरिटी) तैनात हैं। मामले में उन्हें जमानत मिल गई है।
जानकारी के अनुसार 2006 में एसपी सरबजीत सिंह पंधेर रोपड़ में डीएसपी (डी) तैनात थे। पुलिस ने 4 मई 2006 को एक किलो 900 ग्र्राम चरस समेत एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया था। इस दौरान बतौर गजटेड ऑफिसर डीएसपी (डी) की तरफ से मोहर लगा कर दस्तखत किए गए थे।
इस मामले में पांच दिसंबर 2006 को डीएसपी सरबजीत सिंह तत्कालीन अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज जीएस मठाड़ू की अदालत में मोहर और दस्तखत से मुकर गए थे।
दो जुलाई 2008 को जीएस मठाड़ू ने डीएसपी के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की थी। शुक्रवार को ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने एसपी सरबजीत सिंह को दोषी पाते हुए दो साल की कैद व पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। एसपी सरबजीत सिंह को मामले में जमानत मिल गई है। वहीं पंधेर ने कहा कि वे इस फैसले के खिलाफ उच्च अदालत में अपील करेंगे।