गोरखपुर से 17 सितंबर को गिरफ्तार भिंडरावाला टास्क फोर्स के आतंकवादी रतनदीप सिंह को स्टेट स्पेशल आपरेशन सेल ने मंगलवार को जज युक्ति गोयल की अदालत में पेश किया था। इस दौरान थाना सिविल लाइन पुलिस ने अदालत के समक्ष अर्जी देकर उक्त आतंकवादी को रिमांड पर उन्हें सौंपने के लिए कहा था।
इसपर अदालत ने उसे एक दिन के और पुलिस रिमांड पर उसे भेज दिया। बुधवार को पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद रतनदीप को दोबारा अदालत में पेश किया गया। वहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
थाना सिविल लाईन के प्रभारी सुखविंदर सिंह रंधावा ने अदालत को दी याचिका में बताया कि वर्ष 2010 में रेलवे स्टेशन के पास से एक मारुति कार में से बड़ी मात्रा में आरडीएक्स बरामद हुआ था।
इसके जरिए पूरे शहर में विभिन्न स्थानों पर धमाके करने की साजिश रची गई थी। इसके तहत आरोपी के खिलाफ केस दर्ज है। इसी केस में पूछताछ पूरी कर ली गई है। अदालत ने इस बात को मुख्य रखते हुए आरोपी को जेल भेजने के आदेश जारी किए हैं।
वहीं यह भी सामने आया है कि आतंकवादी रतनदीप सिंह ने स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल के समक्ष कई अहम खुलासे किए हैं। उक्त आतंकी ने चौड़ा जैसे आतंकवादियों के साथ पूरे पंजाब में कई जगहों पर धमाके करने की साजिश रची थी लेकिन समय-समय पर पुलिस और अन्य सरकारी एजेंसियों ने इनकी योजनाएं ध्वस्त कर दी। आतंकी से एके-56 और अन्य हथियार भी बरामद किए गए हैं।
उसने विभिन्न स्थानों पर फर्जी पासपोर्ट बनवाए हुए थे। इसके अलावा उसने खुलासा किया है कि पंजाब में आतंक को बढ़ावा देने के लिए इटली, जर्मनी, अमेरिका, कनाडा, फ्रांस में बैठे आतंकी संगठनों के लोग फंडिंग कर रहे है। उनकी ओर से भेजे गए पैसों से ही वह हथियार खरीदते है और उनका अपनी सुविधा के हिसाब से प्रयोग करते हैं। वर्ष 2010 में दिल्ली कॉमनवेल्थ गेम्स में भी रतनदीप ने बड़ा धमाका करने की साजिश रची थी।
इसके लिए लश्कर-ए-तैय्यबा के आतंकी अब्दुल करीब टुंडा को हथियार व अन्य विस्फोटक पदार्थ सप्लाई किया था। रतनदीप का पाकिस्तान में बहुत बड़ा नेटवर्क है। जहां से उसे हथियारों और आरडीएक्स की सप्लाई मिलती है।