चंडीगढ़ के 70 से अधिक प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों में एंट्री लेवल पर दाखिले के लिए नवंबर महीने कॉमन एडमिशन शेडयूल जारी होगा, लेकिन बच्चों के दाखिले को लेकर अभिभावकों की टेंशन शुरू हो गई है। स्कूलों में सीटों के मुकाबले 10 से 12 गुना अधिक आवेदन से पसंद के स्कूल में दाखिले की गारंटी नहीं है। ऐसे में अभिभावकों को 4 से 5 स्कूलों में आवेदन करना होगा।
अभिभावकों ने स्कूलों में एंट्री लेवल पर दाखिले की जानकारी के लिए अभी से भागदौड़ शुरू कर दी है।हर रोज 5 से 7 अभिभावक प्राइवेट स्कूलों में पहुंचकर या फोन पर दाखिले के बारे में जानकारी मांग रहे हैं। स्कूल प्रबंधकों ने अभिभावकों को लगातार स्कूल वेबसाइट पर अपडेट रहने को कहा है।
पिछले कुछ सालों से प्राइवेट और कॉन्वेंट स्कूलों ने आवेदन फार्म देने बंद कर दिए हैं। अभिभावक स्कूल वेबसाइट से फार्म अपलोड कर निर्धारित फीस जमा करते हैं। शहर के कॉन्वेंट स्कूलों में आवेदन को लेकर कड़े नियम हैं। अभिभावकों को लीगल साइज पेज पर ही आवेदन करना होगा। फैमिली फोटो के साथ बच्चे की फोटो पर तिथि भी होनी जरूरी है।
बर्थ सर्टिफिकेट बनाने के लिए भागदौड़ शुरू
नौनिहालों के दाखिले के लिए सभी स्कूलों द्वारा बर्थ सर्टिफिकेट और रेजीडेंस प्रूफ अनिवार्य है। जानकारी अनुसार पिछले कुछ दिनों से यूटी के सेक्टर-17 स्थित बर्ड एंड डेथ सर्टिफिकेट दफ्तर में बच्चों के बर्थ सर्टिफिकेट की जानकारी के लिए पूछताछ बढ़ गई है। अधिकतर स्कूल चंडीगढ़ के स्थायी निवासी बच्चों को ही दाखिले में प्राथमिकता देते हैं। इकोनॉमिकल वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) कोटे के तहत स्कूल के एक किलोमीटर दायरे के अंदर के स्टूडेंट्स को ही दाखिला दिया जाता है।