नाबालिगा के साथ दुराचार के मामले में दो आरोपियों को अदालत ने सजा सुना दी है। जबकि मामले में आरोपी नाबालिक युवक की सुनवाई जुवेनाइल कोर्ट में चल रही है।
जानकारी के अनुसार 14 अक्तूबर 2013 को पिहोवा पुलिस ने शिकायत के आधार पर अरुणाए निवासी सोनू, शांती देवी तथा एक नाबालिक युवक को गिरफ्तार किया था।
उप न्यायवादी कस्तूरी लाल ने बताया कि यह मामला एएसजे पूनम सुनेजा की अदालत में विचाराधीन था। सुनवाई के बाद सोनू व शांति देवी को दोषी पाया।
उन्हें सजा सुनाई गई है। दोषियों को धारा 6 पीओसीएसओ एक्ट के तहत दोनाें को 10-10 वर्ष कैद व 10-10 हजार रुपये जुर्माने की सजा हुई है।
धारा 363 आईपीसी के तहत दोनों को 4-4 वर्ष कैद व 3-3 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माना न देने की सूरत में एक-एक महीना अलग से सजा काटनी होगी, जबकि धारा 342 आईपीसी के तहत दोनों को 6-6 महीने कैद की सजा सुनाई गई है।
इसके अलावा अदालत ने धारा 506 आईपीसी के तहत दोनों दोषियों को 2-2 वर्ष कैद और दो-दो हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
यह जुर्माना न भरे जाने पर दोषियों को 15-15 दिन की अलग से सजा काटनी होगी। जुर्माना नहीं अदा किए जाने पर इन्हें 3-3 महीने अलग से सजा काटनी होगी, जबकि मामले में नाबालिक युवक की सुनवाई जुवनाइल कोर्ट में चल रही है।
अफीम तस्कर को एक साल कैद, पांच हजार जुर्माना
कुरुक्षेत्र। अदालत ने अफीम तस्कर को एक साल कैद और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत में विचाराधीन मामले में एएसजे राजीव गोयल ने फैसला सुनाया।
उप न्यायवादी दिनेश सभ्रवाल ने बताया कि सुनवाई के बाद आरोपी को दोषी पाया गया है और अदालत ने उसे सजा सुना दी है।
जानपाल को 18/61/85 एनडीपीएस एक्ट के तहत एक साल कैद की सजा व 5 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है।
जुर्माना न देने की सूरत में उसे तीन माह की अलग से सजा काटनी होगी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि थाना झांसा पुलिस ने 6 फरवरी 2013 को झांसा निवासी जानपाल को 30 ग्राम अफीम के साथ गिरफ्तार किया था और यह मामला अदालत में विचाराधीन था।