चंडीगढ़ में प्रदर्शनकारी शिक्षकों पर वाटर कैनन का प्रयोग किया गया।
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मोहाली में फेज-आठ स्थित पंजाब शिक्षा विभाग के बाहर संघर्ष पर चल रहे अस्थायी टीचर्स ने मंगलवार को चंडीगढ़ स्थित सीएम आवास की तरफ कूच कर दिया। इस बार वह चंडीगढ़ सीमा में प्रवेश नहीं कर पाए, क्योंकि चंडीगढ़ पुलिस ने उन पर पानी की बौछारें और आंसू गैस के गोले फेंके। हालांकि टीचरों ने सीमा में प्रवेश करने के लिए संघर्ष किया। आखिर में खुद एसएसपी चंडीगढ़ कुलदीप सिंह पहुंचे और टीचर यूनियन के नेताओं को सीएम से मिलाने के लिए ले गए। जबकि शेष टीचर वहीं सड़क पर बैठ गए।
पिछले दिनों हुए संघर्ष के दौरान अस्थायी टीचरों को मंगलवार को सीएम व शिक्षामंत्री से मीटिंग करवाने का वायदा किया गया था। लेकिन जब बात सिरे नहीं चढ़ पाई तो मंगलवार दोपहर टीचरों ने चंडीगढ़ की तरफ कूच कर दिया। पुलिस को पहले इस बात का अंदेशा था। ऐसे में बॉर्डर पर चंडीगढ़ पुलिस की तरफ से जबरदस्त बैरिकेडिंग की हुई थी। सड़क पर पहले बैरिकेड लगाए गए थे और इसके बाद मिट्टी से भरे हुए टिप्पर खड़े किए गए थे।
चंडीगढ़ की तरफ बढ़ रहे टीचर जैसे ही सीमा पर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोका। इस पर शिक्षकों ने बैरिकेड तोड़ने की कोशिश की। इसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने वाटर कैनन का प्रयोग किया। प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने के चलते पुलिस ने आंसू गैस के गोले भी छोड़े। इसके बाद प्रदर्शनकारी तितर बितर हो गए। इस दौरान एक महिला टीचर ने पुलिस पर कपड़े फाड़ने का आरोप लगाया।