पंजाब में गर्मी के तेवर लगातार तीखे होते जा रहे हैं। सोमवार को पंजाब में 37.7 डिग्री पहुंच गया। अधिकतम तापमान में 0.9 डिग्री की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे अब यह सामान्य से 2.9 डिग्री अधिक हो गया है।
मौसम विभाग ने अगले चार दिन भी मौसम शुष्क रहने की भविष्यवाणी की है। हालांकि इसके बाद कुछ राहत की संभावना है। विभाग ने 13 व 14 अप्रैल को पंजाब में कुछ जगहों पर बारिश की संभावना जताई है।
वहीं गर्मी के तीखे तेवरों के चलते बढ़ती बिजली की मांग के बीच थर्मल प्लांटों के तीन यूनिट बंद पड़े हैं। इससे 630 मेगावाट बिजली उत्पादन ठप पड़ गया है। हालांकि अभी खपतकारों को बिजली कटों से राहत है, लेकिन पावरकॉम को बाहर से 61 करोड़ रुपये की बिजली खरीदनी पड़ी। यह बिजली पावरकॉम को 4.50 रुपये प्रति यूनिट के हिसाब से मिली।
पंजाब में कुल 840 मेगावाट की क्षमता वाले रोपड़ थर्मल प्लांट के दो यूनिट बंद रहे। 210-210 मेगावाट की क्षमता वाले यह दोनों यूनिट ब्वालयर ट्यूब में लीकेज के चलते बिजली उत्पादन नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि इनमें से पांच नंबर यूनिट शाम को चालू हो गया, लेकिन चार नंबर यूनिट के मरम्मत के बाद 11 अप्रैल के चलने की संभावना है।
अभी रोपड़ का यूनिट दोबारा शुरू ही हुआ था कि उधर लहरा मुहब्बत थर्मल का 250 मेगावाट का चार नंबर यूनिट बंद पड़ गया, जबकि बीते करीब दो साल से इस थर्मल का दो नंबर यूनिट बंद पड़ा है। हाल ही में इस यूनिट की मरम्मत का काम शुरू हो सका है, लेकिन फिलहाल यह संभावना कम ही है कि गर्मी के इस सीजन में यह यूनिट बिजली उत्पादन शुरू कर सकेगा। पावरकॉम को सोमवार को अपने थर्मलों रोपड़, लहरा व गोइंदवाल से करीब 1223 मेगावाट बिजली मिल सकी, वहीं प्राइवेट थर्मलों राजपुरा व तलवंडी साबो से 3060 मेगावाट बिजली की उपलब्धता हुई।
पावरकॉम इन दिनों बैंकिंग सिस्टम के तहत दूसरे राज्यों को बिजली दे रहा है। ऐसे में मांग पूरा करने के लिए पावरकॉम को बाहर से बिजली की खरीद करनी पड़ी। उधर, पावरकॉम के अपने थर्मलों में कोयले का स्टाक पर्याप्त है। रोपड़ में इस समय 41 दिन का, लहरा मुहब्बत में 20, गोइंदवाल साहिब में 24, प्राइवेट में राजपुरा थर्मल में 24 और वहीं सबसे बड़े 1980 मेगावाट की क्षमता वाले तलवंडी साबो थर्मल में सबसे कम केवल 10 दिन का कोयला शेष है। गर्मी का पीक सीजन नजदीक है, ऐसे में तलवंडी साबो में कोयले की कमी आने वाले दिनों में दिक्कत कर सकती है।
पीक सीजन के लिए पावरकॉम की क्या हैं तैयारियां
पावरकॉम अधिकारियों की तरफ से पीक सीजन के लिए पूरी तैयारियां होने के दावे किए जा रहे हैं। इसके तहत बाहरी राज्यों से बैंकिंग सिस्टम के तहत पावरकॉम को रोजाना 3000 मेगावाट बिजली उपलब्ध होगी। इसके साथ ही सरकारी थर्मलों में कोयले का पूरा स्टाक होने के चलते बिजली उत्पादन में कोई बाधा न आने के भी दावे किए जा रहे हैं। इसके साथ ही 2600 मेगावाट के सोलर पावर खरीद के लिए टेंडर हुए हैं। हाल ही में खरीदे गोइंदवाल थर्मल के प्लांट लोड फैक्टर को 35 से 60 फीसदी तक लाया गया है। इसके लिए यहां कोयले का स्टाक पूरा किया गया है। साथ ही थर्मल की जरूरी मरम्मत व रख-रखाव किया गया है, ताकि पीक सीजन में यह दिक्कत न दे।