हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने टेलीकाम कंपनियों को सचेत कर दिया है कि वे बिना किसी कारण के किसी उपभोक्ता की निजता में खलल नहीं डालेगी। किसी का फोन रिकॉर्ड और उसका डाटा निकालने के लिए गृह विभाग की मंजूरी के बगैर कोई कदम नहीं उठाया जाएगा।
पूर्व में इस तरह की बातें सामने आती रही हैं। जिसके बाद अनिल विज ने यह कदम उठाया है। यदि टेलीफोन कंपनिया अपने स्तर पर बिना अनुमति के यह काम करेंगी तो संबंधित अधिकारी को खामियाजा भुगतान होगा।
विज के मुताबिक पूर्व सरकारों में फोन टेपिंग करवा कर सरकारें दुरुपयोग करती थीं। अब ऐसा नहीं होगा। अपराध या अपराधिक छवि वाले व्यक्तियों के ही फोन टेपिंग होगी। जिससे सरकार को अपराधियों और आतंकियों तक पहुंचने में किसी परेशानी का सामना न करना पड़ा। इस तरह की फोन टेपिंग के लिए भी अनुमति गृह विभाग के माध्यम से लेनी होगी।
विज के इस कदम के बाद अवैध तरीके से होने वाली फोन टेपिंग पर लगाम लग जाएगी। अभी तक किसी अपराधी का फोन सर्विलांस पर लगाने के लिए लिखित में भेजना होता है। विज के पास शिकायत पहुंची थी कि मनमाने ढंग से अधिकारी लोगों के फोन टेपिंग पर लगाते हैं। अब दूरसंचार कंपनियों को कहा गया है कि जो भी फोन टेप होगा उसकी लिखित में अनुमति होगी।