पंजाब के फिरोजपुर के गांव मल्लू माछी में पुलिस को देख भाग रहा 15 वर्षीय बच्चा सतलुज नदी में गिर गया।। हुआ यूं कि शनिवार शाम तीन दोस्त स्कूल से आकर खेत में अपने परिजनों को चाय देने जा रहे थे। रास्ते में सतलुज नदी के पास आबकारी टीम पुलिस के साथ जांच कर रही थी। इन तीनों को बुलाकर पूछताछ की और लाठी मारी। इसी भय से तीसरा साथी वहां से भागने लगा और नदी में गिर गया। पुलिस उन दो युवकों को पकड़कर अपने साथ ले गई। जब परिजनों को पता चला तो उन्होंने पुलिस के खिलाफ धरना लगा दिया।
गुरदेव सिंह निवासी गांव मल्लू माछी ने बताया कि उसका बेटा कुलविंदर सिंह अपने दोस्त बलविंदर सिंह व अमरजीत सिंह के साथ परीक्षा देकर स्कूल से लौटा था। इसके बाद तीनों खेतों में चाय देने जा रहे थे। रास्ते में सतलुज नदी के पास आबकारी विभाग की टीम मौजूद थी। मुलाजिमों ने उक्त तीनों को बुलाकर पूछताछ की।
आरोप है कि मुलाजिम ने बलविंदर को लाठी से पीटा। इस भय से अमरजीत वहां से भाग निकला और नदी में गिर गया। बलविंदर व कुलविंदर ने मुलाजिमों को बताया कि उनका साथी नदी में गिर गया है लेकिन मुलाजिमों ने उनकी एक न सुनी। दोनों को गाड़ी में बैठाकर कपूरथला की पुलिस चौकी कबीरपुर ले गए। जब परिजनों को पता चला तो वह पुलिस चौकी पहुंचे।
पुलिस ने कुलविंदर को उनके हवाले कर दिया और बलविंदर को रिहा नहीं किया। जब पुलिस से अमरजीत के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि वे तो दो को पकड़कर लाए थे। कुलविंदर ने थाना से बाहर आकर परिजनों को सारी बात बताई। नदी में तलाश कर अमरजीत का शव निकाला गया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस के कारण उनके बेटे की मौत हुई है। पीड़ित परिवार ने पुलिस के खिलाफ धरना लगाकर इंसाफ की मांग की है। उधर, एसपी हरविंदर सिंह का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। जो सच सामने आएगा उसी के मुताबिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।