पीयू के उन शिक्षकों के लिए खुशखबरी है जिन्होंने यूजीसी के पुराने नियमों के तहत प्रमोशन के लिए आवेदन किए थे, लेकिन इसका लाभ नहीं मिल पाया था। अब इन शिक्षकों को यूजीसी की नई गाइड लाइन के मुताबिक दोबारा आवेदन करना होगा, लेकिन अन्य प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना होगा।
ये आवेदन न तो सेंट्रल कमेटी के पास नहीं जाएंगे और नहीं विभाग रोक पाएगा। विभाग की ओर से पास होने के बाद वीसी इस पर फाइनल मुहर लगा देंगे और इसी के साथ शिक्षकों का प्रमोशन हो जाएगा। पहली कड़ी में लगभग एक दर्जन शिक्षकों को इसका लाभ मिला था। उसी को नजीर मानते हुए पीयू अब अन्य शिक्षकों को लाभ देगा। इसके आदेश जारी कर दिए हैं।
यूजीसी ने जून 2018 में शिक्षकों के प्रमोशन के नए नियम जारी कर दिए। कुछ नियम कड़े किए तो कुछ सरल किए। इसके बाद 40 से अधिक शिक्षकों ने पुराने नियमों से प्रमोशन के लिए आवेदन किया, लेकिन इस पर आपत्ति लगा दी गई। उन शिक्षकों को भी इस दायरे में लाया गया जिनके प्रोजेक्ट एक से दो साल में पूरे होने वाले थे।
आपत्ति लगने के बाद यह मामला सीनेट में दिसंबर में प्रमुखता से उठाया गया तो सीनेटरों ने शिक्षकों के भविष्य को देखते हुए हरी झंडी दे दी। पुराने नियमों के मुताबिक आवेदन करने वाले शिक्षकों को लाभ देने के आदेश हुए, लेकिन यह भी बात साफ कर दी गई कि इन शिक्षकों को नए नियमों के मुताबिक आवेदन दोबारा करना होगा। इसी के तहत पिछले महीनों में एक दर्जन शिक्षकों को लाभ दिया गया। अब अन्य शिक्षकों को लाभ देने की तैयारी है।
पीयू प्रशासन ने जारी किए आदेश
पीयू प्रशासन ने इसके लिए आदेश जारी कर दिया है। साथ ही रीजनल सेंटरों को भी चिट्ठी लिखी गई है। सूत्रों का कहना है कि प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों को नए आवेदन पर विभाग अध्यक्ष से हस्ताक्षर कराने होंगे और फिर वीसी के समक्ष प्रस्तुत करना होगा। वहां से हस्ताक्षर होने के बाद प्रमोशन फाइनल माना जाएगा। सेंट्रल व अन्य कमेटियों के पास शिक्षकों को नहीं जाना पड़ेगा। यदि विभाग किसी शिक्षक का आवेदन रोकते हैं तो ऐसे में उन पर कार्रवाई भी हो सकती है।