मां ने तुरंत टीचर को फोन किया और स्कूल पहुंची। इसी बीच टीचर भी वहां पहुंच गई। वहां जोर-जोर से अमनदीप के रोने की आवाजें बाहर तक आ रही थीं। स्कूल गेट खोला गया और फिर स्कूल हेड टीचर के दफ्तर से चाबी लाकर नर्सरी क्लास का ताला खोला गया। मां ने तुरंत भागकर बच्चे को गले लगाया और उसे पीने को पानी दिया और खाने को रोटी दी।
उधर स्कूल हेड टीचर गुरप्रीत कौर का कहना है कि स्कूल में स्टाफ की कमी है। उनके पास चपरासी तक नहीं हैं। टीचर ही अपनी क्लासों को ताला लगाकर जाती हैं। उस दिन बच्चा बीमार था। सो रहा था, संबंधित टीचर ने उसे देखा नहीं और क्लास को बंद करके ताला लगाया और फिर वह सभी स्कूल को बंद करके चले गए। टीचरों ने इस सारे मामले में बच्चे की बहन व ऑटो वाले को भी जिम्मेदार बताया है, जिन्होंने देखा नहीं कि अमनदीप आया है या नहीं। इस संबंध में जिला शिक्षा अधिकारी अमरजीत सिंह ने स्कूल की हेड टीचर गुरप्रीत कौर को मुअत्तल कर दिया है।