जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू होने के समय भी युवती की दूसरे राज्य में शादी हो सकती थी। लेकिन शादी के बाद युवती का आधिकारिक रूप से परिवार के साथ नाम नहीं जोड़ा जा सकता था तो युवती का मायके से सभी हक खत्म हो जाते थे। इस तरह शादी के बाद केवल मौखिक रूप से युवती का परिवार से रिश्ता रहता था। सिरीसा अपने माता-पिता की अकेली बेटी है तो उसके लिए यह अनुच्छेद 370 हटाया जाना काफी खुशी देने वाला फैसला रहा है।
परिवार ने खुद तय किया था रिश्ता, शादी से हम खुश
विधायक मोहनलाल बड़ौली के बेटे संदीप कहते हैं कि उनकी व सिरीसा की पढ़ाई के समय से केवल जान पहचान थी। जिसके बाद वह खुद आईआईएम हिमाचल प्रदेश में एमबीए करने चले गए और उसके बाद कोरिया में नौकरी करने लगे। संदीप ने पिता के चुनाव में नौकरी छोड़ दी। इसके साथ ही परिवार वाले शादी करने की बात कहने लगे।
संदीप व सिरीसा के परिवार वालों की आपस में बातचीत हुई और उनका रिश्ता तय कर दिया गया। संदीप कहते हैं कि परिवार वालों ने उनका रिश्ता तय किया है और वह सिरीसा से शादी को लेकर खुश हैं। अनुच्छेद 370 हटाया जाना भी उनके लिए काफी अच्छा रहा है। वहीं सिरीसा भी परिवार के फैसले से खुश है और शादी की तैयारी में लगी है।