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जम्मू-कश्मीर जाएगी भाजपा विधायक के बेटे की बरात, 370 हटने से युवती का परिवार खुश

Sat, 30 Nov 2019 01:10 AM IST
ajay kumar अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)

सार

  • मुरथल यूनिवर्सिटी से दोनों ने एक साथ की इंजीनियरिंग की पढ़ाई, परिजनों ने जान पहचान को शादी के बंधन में बांधा।
  • अपने माता-पिता की इकलौती संतान है युवती, अनुच्छेद 370 हटने से शादी के बाद वहां भी अधिकारिक तौर पर रहेगा हक।
  • एक दिसंबर को जम्मू-कश्मीर जाएगी राई विधायक मोहन लाल के बेटे की बारात, युवती भी काफी खुश।
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संदीप और सिरीसा रैना।
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विस्तार
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जम्मू कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद वहां शादी करने का रास्ता साफ हो गया है और उसके बाद राई से भाजपा विधायक मोहन लाल बड़ौली के बेटे की बारात वहां जाएगी। यह माना जा रह है कि जम्मू कश्मीर से होने वाली यह प्रदेश की पहली शादी है। एक दिसंबर को यहां से बारात जाएगी तो उसके अगले दिन दोनों को रिसेप्शन रखा गया है। 

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इस शादी को लेकर दूल्हा व दुल्हन के साथ ही दोनों के परिवार वाले काफी खुश हैं। राई से भाजपा विधायक मोहन लाल बड़ौली के पुत्र संदीप ने दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी यूनिवर्सिटी मुरथल से 2014 में बीटेक किया था। उसी समय जम्मू-कश्मीर के बंतलाब की रहने वाली सिरीसा रैना भी बीटेक कर रही थी। हालांकि दोनों के डिपार्टमेंट अलग थे और संदीप केमिकल से बीटेक कर रहे थे तो सिरीसा बायोटेक से बीटेक कर रही थी। 

2014 में सिरीसा यूनिवर्सिटी की टॉपर भी रह चुकी हैं। उस समय ही दोनों की जान पहचान हुई थी और इनके परिवार वाले भी एक-दूसरे को जानते थे। इस जान पहचान को दोनों के परिवार वालों ने अब रिश्तेदारी में बदलने का फैसला किया और दोनों की शादी तय कर दी।
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अब एक दिसंबर को विधायक के बेटे संदीप की बारात जम्मू कश्मीर जाएगी और वहां से दुल्हन सिरीसा को लेकर आएंगे। इस शादी को लेकर दोनों के परिवार के लोग काफी उत्साहित हैं। संदीप का दावा है कि जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटने के बाद वहां से प्रदेश में होने वाली यह पहली शादी है।

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अनुच्छेद 370 हटने से पहले परिवार से नहीं जोड़ा जा सकता था आधिकारिक रूप से नाम

जम्मू कश्मीर में अनुच्छेद 370 लागू होने के समय भी युवती की दूसरे राज्य में शादी हो सकती थी। लेकिन शादी के बाद युवती का आधिकारिक रूप से परिवार के साथ नाम नहीं जोड़ा जा सकता था तो युवती का मायके से सभी हक खत्म हो जाते थे। इस तरह शादी के बाद केवल मौखिक रूप से युवती का परिवार से रिश्ता रहता था। सिरीसा अपने माता-पिता की अकेली बेटी है तो उसके लिए यह अनुच्छेद 370 हटाया जाना काफी खुशी देने वाला फैसला रहा है। 

परिवार ने खुद तय किया था रिश्ता, शादी से हम खुश
विधायक मोहनलाल बड़ौली के बेटे संदीप कहते हैं कि उनकी व सिरीसा की पढ़ाई के समय से केवल जान पहचान थी। जिसके बाद वह खुद आईआईएम हिमाचल प्रदेश में एमबीए करने चले गए और उसके बाद कोरिया में नौकरी करने लगे। संदीप ने पिता के चुनाव में नौकरी छोड़ दी। इसके साथ ही परिवार वाले शादी करने की बात कहने लगे। 

संदीप व सिरीसा के परिवार वालों की आपस में बातचीत हुई और उनका रिश्ता तय कर दिया गया। संदीप कहते हैं कि परिवार वालों ने उनका रिश्ता तय किया है और वह सिरीसा से शादी को लेकर खुश हैं। अनुच्छेद 370 हटाया जाना भी उनके लिए काफी अच्छा रहा है। वहीं सिरीसा भी परिवार के फैसले से खुश है और शादी की तैयारी में लगी है।
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