-18 जनवरी को मोगा में राज्यस्तरीय रैली
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पटियाला। पंचायत समिति और जिला परिषद चुनाव के दौरान हुए सड़क हादसे में शिक्षक जसकरण सिंह और उनकी पत्नी शिक्षिका कमलजीत कौर की दुखद मौत के बाद पंजाब सरकार द्वारा घोषित 10-10 लाख रुपये की सहायता को अध्यापक संगठनों ने भद्दा मज़ाक करार दिया है। इसके विरोध में डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट (डीटीएफ) 18 जनवरी को मोगा की दाना मंडी में राज्यस्तरीय इंसाफ रैली आयोजित करेगा।
डीटीएफ के प्रदेश अध्यक्ष विक्रमदेव सिंह, महासचिव महिंदर कौरवाली और वित्त सचिव अश्विनी अवस्थी ने कहा कि चुनाव ड्यूटी के दौरान सरकारी और जिला प्रशासन की असंगठित व्यवस्था के कारण शिक्षकों की जान जोखिम में पड़ी। पूर्व में पंजाब के सभी जिलों में अध्यापक इंसाफ कमेटी के बैनर तले कैंडल मार्च निकालकर विरोध जताया गया था। जिला अध्यक्ष हरविंदर सिंह रखड़ा और सचिव जसपाल सिंह खांग ने आरोप लगाया कि शिक्षकों को दूरदराज के स्थानों पर ड्यूटी लगाने से दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें मोगा के शिक्षक दंपति की मृत्यु और संगरूर की शिक्षिका राजवीर कौर गंभीर रूप से घायल हुई।
डीटीएफ के नेता राजिंदर सिंह समाना, रामशरण अलहौरां, भूपिंदर सिंह मेंदरहेंडी और गुरविंदर सिंह खटरा ने स्पष्ट किया कि रैली का उद्देश्य शिक्षक दंपत्ति के परिवार को दो-दो करोड़ रुपये, घायल शिक्षक को 20 लाख रुपये, बच्चों को पढ़ाई पूरी होने के बाद सरकारी नौकरी और पढ़ाई का पूरा खर्च उठाने की मांग को साकार कराना है।
टीचर्स फ्रंट ने चेतावनी दी है कि यह संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक मांगें पूरी नहीं होती।