48 दिन से मोबाइल टावर पर चढ़ा बेरोजगार ईटीटी शिक्षक दीपक कुमार के नीचे उतारने के लिए बुधवार रात तीन घंटे ड्रामा चला। लेकिन बाद में शिक्षक ने कहा कि जब तक उसका नाम लिस्ट में नहीं आ जाता वह टावर से नीचे नहीं आएगा।
बुधवार रात करीब 9:15 बजे फजिल्का निवासी दीपक कुमार को सूचना मिली कि उसका नाम लिस्ट में आ गया है। इसके बाद उसे उतारने के लिए हाइड्रोलिक गाड़ी गई। पहली गाड़ी खराब हो गई। दूसरी गाड़ी जब उसके पास पहुंची तो उसने कहा कि वह टावर से नीचे नहीं उतरेगा। इस बीच तीन घंटे तक ड्रामा चलता रहा।
ईटीटी पास बेरोजगार टीचर यूनियन के स्टेट हेड अमरजीत सिंह कंबोज ने बताया कि जब तक लिस्ट में नाम नहीं आएगा तक तक दीपक नीचे नहीं उतरेगा। उन्हें पंजाब सरकार पर कोई भरोसा नहीं है।
हाईड्रोलिक लैडर हवा में फंसी
हाईड्रोलिक लैडर हवा में फंसी
- फोटो : अमर उजाला
गौरतलब है कि 17 नवंबर को दो महिला शिक्षकों समेत तीन टीचर सेक्टर-3 स्थित ही दूसरे मोबाइल टावर पर चढ़ गए थे। जब पंजाब के सीएम से उनकी पहली मीटिंग तय हुई थी तो वह तीनों 21 नवंबर की रात को उतर आए थे। लेकिन राकेश व दीपक नहीं उतरे थे। दीपक और उसका साथी राकेश 3 नवंबर को सेक्टर-3 स्थित पंजाब भवन के मोबाइल टावर पर चढ़े थे। इसके बाद पंजाब में टीचरों की भर्ती लिस्ट में नाम आने के बाद राकेश कुमार 14 दिसंबर को टावर पर से उतर आया।
हाईड्रोलिक लैडर हवा में फंसी
हाईड्रोलिक लैडर खराब होने की वजह से दीपक को एक घंटा और टावर पर ही इंतजार करना पड़ा। करीब आठ बजे जब हाईड्रोलिक लैडर पर पुलिस व फायरकर्मी दीपक को उतारने जा रहे थे तो अचानक वह बीच में ही खराब हो गई। उस पर कई लोग सवार थे। इसके बाद करीब डेढ़ घंटे बाद मौके पर दूसरी हाईड्रोलिक लैडर मंगवाई गई। इसके बाद दीपक ने उतरने से मना कर दिया। इस मौके पर डीएसपी रामगोपाल, एरिया एसएचओ पूनम दिलावरी, फायर विभाग के अधिकारी, एंबुलेंस व डॉक्टर मौजूद थे।