पानीपत जिले के गांव बबैल में एक बुजुर्ग व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह मनरेगा के तहत काम करता था। अपना मानदेय लेने के लिए कई दिन से बैंक के चक्कर लगा रहा था, लेकिन पैसे नहीं मिल पा रहे थे। परिजनों का कहना है कि वह पैसे न मिलने से परेशान था। बुधवार को घर में ही उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। परिजनों ने बैंक प्रबंधन और सरकार की अनदेखी पर नाराजगी व्यक्त की है।
गांव बबैल निवासी राज सिंह (55) मजदूरी करता था और वह मनरेगा के तहत भी गांव में काम करता था। बबैल निवासी अनिल ने बताया कि उसका चाचा राज सिंह पिछले कई दिनों से बैंक की लंबी कतार में पैसे लेने के लिए खड़ा रहता था। इसके बाद भी उसे पैसे नहीं मिल पा रहे थे। इस वजह से वह परेशान रहने लगा। उसे घर चलाने में भी परेशानी होने लगी थी।
परिजनों ने बताया कि राज सिंह ने पैसों के लिए मोची का काम भी किया, लेकिन वह सफल नहीं हुआ। इस वजह से वह मानसिक रूप से परेशान रहने लगा। वह मंगलवार को सही तरीके से सोया था। बुधवार सुबह वह अपने घर पर मृत मिला। संभावना जताई जा रही है कि उसकी मौत हृदय गति रुकने से हुई है।