पुरानी कारों पर टैक्स की जबरदस्त मार ने कार बाजार को बेजार कर डाला है। एक साल पहले जहां संडे को लगने वाले कार बाजार में पांच सौ कार एक दिन में बिक जाती थीं, वहीं अब हाल यह है कि कारों की सेल का ग्राफ एकदम नीचे आ गया है।
चंडीगढ़ के ओल्ड कार बाजार के डीलरों की मानें तो हालत यह हो गई है कि चंडीगढ़ का ग्राहक चंडीगढ़ की, पंजाब का पंजाब और हरियाणा का हरियाणा की कार ढूंढता है। संडे कार बाजार में अब बिकती हैं तो सिर्फ लग्जरी कारें। छोटी कारों की सेल पहले से बहुत कम हो चुकी है।
चंडीगढ़ कार बाजार के एक डीलर के अनुसार कुछ समय पहले तक यहां नार्थ रीजन के हर राज्य की गाड़ी की सेल होती थी। पुरानी कारों के ट्रांसफर पर बेतहाशा टैक्स के कारण कारों की सेल पर असर पड़ा है। इन कारों पर भी उन्हें अपने राज्य में जाकर पांच से छह हजार रुपये तक टैक्स चुकाना पड़ता है।
चंडीगढ़ से कार ट्रांसफर पर केवल चार सौ रुपये फीस लगती है। कार बाजार में करीब दो सौ कार डीलर हैं। ऐसी स्थिति में छोटी से छोटी कार लेने पर भारी भरकम ट्रांसफर टैक्स का बोझ कोई नहीं लादना चाहता। कुछ समय पहले पंजाब में ट्रांसफर पर टैक्स कम था।
कार बाजार का हाल पहले जैसा नहीं रहा। अब छोटी कारों की सेल कम हो गई है। लग्जरी सेगमेंट की कारें भी पहले की अपेक्षा कम बिक रही हैं। टैक्स इसका प्रमुख कारण है।
-गुलशन कुमार, प्रेसीडेंट, कार डीलर एसोसिएशन
चंडीगढ़ का संडे कार बाजार नार्थ इंडिया का सबसे बड़ा कार बाजार माना जाता है। अब टैक्स के बोझ की वजह से ग्राहक यहां से कटने लगे हैं।
-अरुण कुमार मल्होत्रा, परफेक्ट ऑटो डील