पंजाब में हो रहे विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी और किसानों के बीच गठबंधन को लेकर हो रही बातचीत टूटने की बड़ी वजह सामने आई है। दोनों के बीच सीट बंटवारे को लेकर सहमति नहीं बन पाने के कारण गठबंधन सिरे नहीं चढ़ पाया। संयुक्त समाज मोर्चा की ओर से 60 सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग की जा रही थी, जिसको आप ने सिरे से खारिज कर दिया था। आप ने किसानों के लिए गठबंधन के तहत 10 सीटों का प्रस्ताव दिया था, जिसको किसानों ने ठुकरा दिया था।
किसानों से बातचीत टूटने के बाद आम आदमी पार्टी लगातार प्रत्याशियों की घोषणा कर रही है। अब तक राज्य की 109 सीटों पर पार्टी अपने प्रत्याशी घोषित कर चुकी है। इनमें पंजाब के गायक, कलाकार, पूर्व अधिकारी और दूसरी पार्टियों से आए कुछ बड़े राजनीतिक चेहरों को पार्टी ने शामिल किया है।
आप के साथ बातचीत टूट जाने के बाद किसान एकजुट होना शुरू हो गए हैं। हरियाणा के किसान नेता गुरनाम चढ़ूनी भी संयुक्त संघर्ष पार्टी के साथ चुनाव मैदान में उतरे हुए हैं। हालांकि अब वह पंजाब की 22 किसान जत्थेबंदियों से बने संयुक्त समाज मोर्चा के साथ गठबंधन की तैयारी कर रहे हैं। किसान नेताओं का कहना है कि सूबे को भ्रष्टाचार मुक्त करने के लिए हरियाणा और पंजाब के किसानों का एक होना जरूरी है।
पंजाब में किसानों का मजबूत आधार है। राज्य की 117 सीटों में 77 विधानसभा ऐसी सीटें हैं जो खेती-किसानी से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ी हुई हैं। ऐसे में सभी राजनीतिक दल किसानों के चुनाव लड़ने पर उन्हें शुभकामनाएं देते नजर आ रहे हैं। कोई भी दल का नेता उन पर सीधे हमला नहीं कर रहा है।