पांच सिंह साहिब की बैठक के बाद श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने इस संबंध में आदेश जारी किया। इसमें कहा गया कि जत्थेदार ज्ञानी रणजीत सिंह गौहर से तख्त साहिब की सेवाएं पूरी तरह वापस ली जाती हैं। तख्त साहिब के प्रबंधों, जत्थेदार पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच कमेटी जारी रखेगी और उसकी रिपोर्ट श्री अकाल तख्त साहिब पर भी सौंपेगी।
यह भी आदेश पारित
- श्री गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाश पर्व कार्यक्रमों के बाद 15 जनवरी तक तख्त साहिब की संविधान के अनुसार नई प्रबंधकीय कमेटी का चुनाव करवाया जाए।
- महिंदर सिंह और राजा सिंह ने तनखैया घोषित होने के बावजूद कमेटी के प्रबंधों पर कब्जा जमा लिया। कमेटी के फैसलों को रद्द कर रिपोर्ट दी जाए।
- एडिशनल हेड ग्रंथी ज्ञानी बलदेव सिंह के पास से पांच बाणियों का पाठ मूंह जुबानी सुनकर उसका वीडियो बनाएं और उसे श्री अकाल तख्त साहिब पर भेजें। अगर ज्ञानी बलदेव सिंह ऐसा नहीं कर पाते हैं तो उनको पांच प्यारों से बाहर निकाला जाए।
- तख्त साहिब की कामों में सहयोग देने के लिए बाबा मेजर सिंह, सूरज सिंह नलवा, महाराजा सिंह, गुरचरण सिंह ग्रेवाल और अजीत सिंह को कमेटी में शामिल किया जाता है।
आदेश को बताया पक्षपाती, स्वीकार करने से इन्कार
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी हरप्रीत सिंह द्वारा मंगलवार को बुलाए गए तख्त श्री पटना साहिब के सदस्यों ने श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दी गई सेवा को स्वीकार करने से इनकार कर दिया। इस मुद्दे पर तख्त साहिब बोर्ड के अध्यक्ष मोहिंदरपाल सिंह ढिलो ने श्री अकाल तख्त साहिब के फैसले के बारे में कुछ भी करने से इनकार कर दिया लेकिन महासचिव राजा सिंह, सदस्य डॉ. गुरमीत सिंह और हरपाल सिंह जौहल ने जत्थेदार के फैसले को खारिज कर दिया है।