चंडीगढ़। शहर में एथलेटिक्स के खिलाड़ियों के लिए एक भी सिंथेटिक ट्रैक नहीं है। पंजाब यूनिवर्सिटी में एथलेटिक्स का काफी बड़ा ग्राउंड है। जहां पर एथलेटिक्स के एक समय में कई कार्यक्रम कराए जाते हैं लेकिन अभी तक भी यहां पर घास वाले ट्रैक पर ही अभ्यास करते हैं जबकि उच्च स्तरीय प्रतियोगिताओं में सिंथेटिक ट्रैक का इस्तेमाल किया जाता है।
पीयू के ग्राउंड पर अभी तक प्रतियोगिताओं और अभ्यास के लिए खिलाड़ी घास वाले ट्रैक का ही इस्तेमाल करते आ रहे हैं। घास वाला ट्रैक प्रतियोगिताओं के लिए सही नहीं रहता। इस पर दौड़ते हुए खिलाड़ियों के फिसलकर घायल होने का खतरा बना रहता है। वहीं सिंथैटिक ट्रैक पर अगर खिलाड़ी गिर भी जाता है तो उसे अधिक चोट नहीं लगती।
खेलो इंडिया को भेजा प्रस्ताव
पंजाब यूनिवर्सिटी एथेलिटक्स ग्राउंड पर सिंथैटिक ट्रैक लगभग 7 करोड़ रुपये में बनना है। इसके लिए पीयू के खेल विभाग ने खेलो इंडिया को प्रस्ताव बनाकर भेजा हुआ है। पंजाब यूनिवर्सिटी से कई एथलेटिक्स खिलाड़ियों ने अपनी पहचान बनाई है और कई इंटर-यूनिवर्सिटी लेवल की प्रतियोगिताओं में मेडल जीतकर पीयू का नाम रोशन किया है।
कोट
सिंथेटिक ट्रैक की मांग एथलेटिक्स खिलाड़ी काफी समय से कर रहे थे। इसके लिए खेलो इंडिया को प्रपोजल भेजा जा चुका है। उम्मीद है कि कोरोना महामारी के बाद इसकी मंजूरी मिल जाएगी और आने वाले समय में पीयू के खिलाड़ी सिंथेटिक ट्रैक पर दौड़ते हुए नजर आएंगे। -डॉ. परमिंदर सिंह आहलूवालिया, पीयू खेल डायरेक्टर