दस माह पहले हुए अमित हत्याकांड में कार्रवाई की मांग कर रहे आमरन अनशन पर बैठे परिजनों को प्रशासन ने जबरन उठाने का प्रयास किया।
मृतक अमित की बहन रसना को जबरन उठाकर पुलिस ने अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका उपचार शुरू हुआ। हालांकि अनशन पर बैठे रसना के पिता श्यामलाल, उसकी चचेरी बहन रिंकी और मां अभी भी लघु सचिवालय के समक्ष अनशन कर रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि करीब दस माह पहले गांव ऊंटसाल के अमित की हत्या कर शव ब्रह्मसरोवर में फेंक दिया गया था। मामले में अब तक प्रशासन को परिजन तथा छात्र संगठन एसएफआई ज्ञापन भी सौंप चुका है।
जबकि परिजनों सहित अन्य सामाजिक संगठन प्रदर्शन कर चुके हैं। पिछले तीन-चार दिन से आमरन अनशन पर बैठे परिजनों को उठाने का प्रयास किया गया।
गुरुवार को प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम विनय प्रताप सिंह, सीटीएम और डीएसपी नूपुर बिश्नोई की देखरेख में परिजनों को उठाने का प्रयास किया गया।
हालांकि परिजन नहीं माने और अनशन पर बैठे रहे। जबकि पुलिसकर्मियों ने स्वास्थ्य बिगड़ने पर मृतक की बहन रसना को जबरदस्ती उठाकर एंबुलेंस में डाला गया।
इसके बाद उसे सिविल अस्पताल पहुंचाकर उसका ट्रीटमेंट भी कराया। इससे पहले सिविल अस्पताल से डॉ. कपिल गर्ग ने मौके पर पहुंचकर रसना का चेकअप किया था।
चिकित्सकों ने रसना का स्वास्थ्य बिगड़ने की बात कही। इसके बाद उसे जरबन अस्पताल पहुंचाया। वहीं इस दौरान सुबह से ही भारी पुलिस बल तैनात था।
जब रचना को जबरदस्ती उठाया गया, तो परिजनों ने पुलिस की इस कार्रवाई का विरोध किया और आरोप लगाया कि एक पुलिसकर्मी ने रचना के साथ दुर्व्यवहार किया।
इस बात को लेकर मौके पर काफी हंगामा हुआ। अमित के पिता श्यामलाल का आरोप है कि उनके पुत्र को न्याय ना मिलने के कारण वे आमरण अनशन पर बैठे हैं।
मृतक के पिता का कहना है कि उनके बेटे की हत्या की गई है और दोषियों के नाम की उन्होंने प्रार्थना पत्र में जानकारी दी हुई है। लेकिन पुलिस इसके बावजूद दोषियों को गिरफ्तार नहीं कर रही।
उन्होंने कहा कि जब तक उन्हें न्याय नहीं मिलता, तब तक अनशन जारी रहेगा। अमित के परिजनों ने यह भी बताया कि वे आज एसपी को मिले थे और पुलिस अधीक्षक ने उन्हें बताया कि मामले की जांच अपराध शाखा कर रही है।
जांच रिपोर्ट आने के बाद ही कोई कार्रवाई होगी। उल्लेखनीय है कि अमित के परिजनों को अनेक छात्र एवं सामाजिक संगठनों ने समर्थन दिया है और इन संगठनों के प्रतिनिधि धरना स्थल पर आकर उनका सहयोग कर रहे हैं।
वहीं छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि अगर पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की तो जिले के छात्र सड़कों पर उतरकर अमित को न्याय दिलाएंगे।
डॉ. कपिल ने जांचा स्वास्थ्य
स्वास्थ्य अधिकारियों के कहने पर सिविल अस्पताल से डॉ. कपिल गर्ग लघु सचिवालय पहुंचे। यहां उन्होंने अनशन पर बैठी रसना का चेकअप किया। चेकअप करते हुए डॉक्टर गर्ग ने उसे तत्काल उपचार देने की बात प्रशासन को कही।
एंबुलेंस में पहुंचाया सिविल अस्पताल
एंबुलेंस में रसना को लघु सचिवालय से लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल लाया गया। परिवार सहित अनशन पर बैठी रसना को पुलिस ने जबरन एंबुलेंस में डाला और फिर उसे सिविल अस्पताल पहुंचाया गया।
8 बजकर 50 मिनट पर दाखिल हुई
आठ बजकर 50 मिनट पर रसना को लोकनायक जय प्रकाश अस्पताल में दाखिल किया गया। उपचाराधीन रसना को डॉक्टरों ने मेडिसन दी और फिर उसका ईलाज शुरु किया।
अस्पताल में उपचाराधीन रसना 10 बजकर 30 मिनट पर एलएनजेपी से चली गई। उसने स्वयं को ठीक बताते हुए छुट्टी करने की बात कही और फिर वहां से रवाना हो गई।
मेरा पेपर हैं, मैं पूरी तरह से ठीक हूं
रसना ने जाते समय कहा कि आज मेरा पेपर हैं और मैं पूरी तरह से ठीक हूं। इसलिए मुझे छुट्टी दे दी जाए। इन शब्दों के साथ उपचाराधीन रसना ने जाने की बात कही।