पंजाब और हरियाणा के राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी का कहना है कि एसवाईएल बिल अगर न्यायोचित हुआ तभी वह इसे मंजूरी देंगे। सोमवार को हरियाणा विधानसभा में अभिभाषण के दौरान सोलंकी ने यह बात कही। दरअसल इनेलो सदस्यों ने राज्यपाल को अभिभाषण पढ़ने से रोकते हुए मांग की कि वे पहले पंजाब विधानसभा द्वारा एसवाईएल मामले में बिल लाए जाने पर स्थिति स्पष्ट करें। इस पर राज्यपाल ने कहा, ‘‘प्रदेश सरकार की अपनी कार्ययोजना होती है और संविधान के अनुसार राज्यपाल का अभिभाषण पढ़ना जरूरी है। जो कुछ न्यायोचित नहीं है उसे ठीक किया जा सकता है। मैं आश्वासन देता हूं कि जो कुछ भी सही होगा, मैं उसी को अनुमति दूंगा।’’ इसके बाद सदन ने तालियों के साथ राज्यपाल के बयान का स्वागत किया और राज्यपाल ने अभिभाषण पढ़ना शुरू किया।
हरियाणा ने पारित किया निंदा प्रस्ताव
हरियाणा विधानसभा भवन में सरकार व विपक्ष के नेताओं ने पंजाब विस में पारित एसवाईएल बिल के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। हरियाणा विधानसभा में कृषि मंत्री ओपी धनखड़ ने निंदा प्रस्ताव पेश किया। प्रस्ताव में भारत सरकार से पंजाब के अवैधानिक और असंवैधानिक कार्य को रद्द करने का अनुरोध किया गया है। मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने प्रस्ताव पर बोलते हुए कहा कि इस प्रस्ताव के माध्यम से भारत सरकार से एसवाईएल नहर को पूरा करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने का भी अनुरोध किया गया है ताकि हरियाणा राज्य के लोगों के हितों की रक्षा की जा सके।
यह कहा निंदा प्रस्ताव में
यह सदन पंजाब राज्य के एकतरफा, असंवैधानिक, सर्वोच्च न्यायालय के अधिकार को नकारने वाले, हरियाणा के वैध हितों के विरुद्ध केवल राजनीतिक लाभ के लिए उठाए गए कदम के विरुद्ध सर्वसम्मति से निंदा प्रस्ताव पारित करता है। सदन भारत सरकार से पंजाब के अवैधानिक और असंवैधानिक कार्य को रदद् करने का अनुरोध करता है। साथ ही, भारत सरकार से सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष चल रहे राष्ट्रपति संदर्भ को न्यायसगंत निर्णय तक पहुंचाने और एसवाईएल नहर को पूरा करने के लिए तुरंत प्रभावी कदम उठाने का आग्रह करता है ताकि हरियाणा राज्य के लोंगो के हितों की रक्षा की जा सके। सदन सर्वसम्मति से इस संकल्प को स्वीकार करता है।