पंजाब विधानसभा ने सोमवार को पंजाब सतलुज यमुना लिंक कैनाल लैंड (ट्रांसफर ऑफ प्रोपराइटीरी राइट्स) बिल 2016 सर्वसम्मति से पारित कर दिया। मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने बिल सदन में पेश किया। सत्तापक्ष और विपक्ष ने मेजें थपथपा कर इसे सर्वसम्मति से पारित किया। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच इस फैसले का क्रेडिट लेकर किसानों का मसीहा बनने की होड़ लगी रही। मंगलवार दोपहर बादल की अगुवाई में सभी विधायक बिल को मंजूरी दिलाने के लिए राज्यपाल कप्तान सिंह सोलंकी से मिलेंगे।
सदन में बिल पेश करते हुए मुख्यमंत्री बादल ने कहा कि पंजाब के पास अपनी जरूरत का पानी नहीं है, पानी की पहले ही कमी है। इसलिए किसी अन्य राज्य को पानी की एक बूंद देने का सवाल ही पैदा नहीं होता। उन्होंने कहा कि एसवाईएल नहर के लिए एक्वायर की गई 3923 एकड़ जमीन किसानों को वापस दी जाएगी। हालांकि, कैबिनेट ने बदले में किसानों से मुआवजे की रकम ब्याज सहित लेने का फैसला किया था, लेकिन सीएम ने एलान किया कि किसानों से कोई रकम नहीं ली जाएगी, उन्हें जमीन मुफ्त वापस दी जाएगी।
सीएलपी लीडर चरनजीत सिंह चन्नी ने कहा कि जिस तरह वर्ष 2004 में तत्कालीन मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने एक महत्वपूर्ण फैसला लिया था, ठीक उसी तरह सीएम बादल ने अब बड़ाफैसला लिया है। चन्नी ने कहा कि पानी के मुद्दे पर सत्र की शुरुआत में कांग्रेसी काले झंडे लेकर पहुंचे थे, जिसकेबाद दबाव में आकर सरकार पानी के मुद्दे पर प्रस्ताव लाई। उसकेबाद विपक्ष ने संशोधन प्रस्ताव दिया। हालांकि, उसे रद्द कर दिया गया, लेकिन किसानों को जमीन देने की हमारी मांग मान ली गई।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस केदबाव में सरकार बिल लाई। चन्नी ने संशोधन पढ़ना शुरू किया तो सत्ता पक्ष ने विरोध शुरू कर दिया। सिकंदर सिंह मलूका ने कहा कि उनका संशोधन किसी ने नहीं देखा। इस दौरान बिल का क्रेडिट लेने के लिए सत्ताधारियों और विपक्षियों के बीच काफी नोकझोंक हुई। चन्नी ने जमीन वापसी के लिए नोटिफिकेशन बाद में जारी करने की शर्त हटाने की मांग की।
बहस नहीं, दिलेरी दिखाएं : सीएम
सीएम बादल ने कहा कि यह मामला पूरे पंजाब से जुड़ा है। इस पर दिलेरी दिखाएं, बहस नहीं होनी चाहिए। अमरिंदर जब बिल लाए थे तो अकालियों ने कोई बहस नहीं की थी। वहीं, सुखबीर ने कहा कि सीएम पहले ही एलान कर चुके हैं कि जमीन मुफ्त दी जाएगी। इसकेबाद बिल सर्वसम्मति से पारित कर दिया गया। बाद में बादल ने सभी सदस्यों को सूचित किया कि मंगलवार दोपहर साढ़े बारह बजे सभी विधायक बिल को लेकर राज्यपाल से मिलेंगे।