टैगोर थियेटर में स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित नाटक का मंचन
- फोटो : अमर उजाला
45 मिनट का नाटक और मंच पर जीवंत हो गई स्वामी विवेकानंद की पूरी लाइफ। खूब तारीफ हुई, जमकर तालियां बजीं। चंडीगढ़ में सेक्टर 18 स्थित टैगोर थिएटर में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर स्मृति न्यास द्वारा राष्ट्रप्रेम उत्सव के अवसर पर स्वामी विवेकानंद नाटक का मंचन किया गया।
लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड्स में दर्ज मुंबई के जाने माने रंगकर्मी मुजीब खान द्वारा निर्देशित इस नाटक को मुंबई बेसड आइडल ड्रामा एंड एंटरटेनमेंट अकादमी के 17 कलाकारों ने पेश किया। नाटक स्वामी विवेकानंद के जीवन पर आधारित था, जिसमें उनके विचारों से लेकर उनके जन्म और समाधि तक की यात्रा को दिखाया गया। नाटक की शुरुआत स्वामी विवेकानंद के कथन उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक अपने लक्ष्य को प्राप्त न कर लो से हुई।
नाटक के दूसरे सीन में स्वामी विवेकानंद अपने भक्तों को धर्म-जाति के बंधनों से मुक्त होने का उपदेश देते नजर आए। नाटक में स्वामी विवेकानंद की बचपन की उन सभी बातों को याद किया गया जिसमें बालपन में ही उनके तेजस्वी होने के प्रमाण मिलते हैं। 45 मिनट की अवधि वाले इस नाटक में मानव सेवा करने का संदेश दिया गया।
इस मौके पर विशेष मेहमान के तौर पर पहुंचे हरियाणा के गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी ने अपने संबोधन में रवीन्द्रनाथ टैगोर के उन शब्दों को दोहराया जिसमें वे यह कहते हैं यदि कोई भारत को समझना चाहता है तो उसे विवेकानंद को पढ़ना चाहिए। इसके अलावा कार्यक्रम में बिहार के बक्सर से लोकसभा सांसद अश्विनी कुमार चौबे भी विशेष तौर पर उपस्थित हुए। कार्यक्रम में नाटक के साथ-साथ दिल्ली बेसड चित्रकार मनजीत सिंह की 11 पेंटिंग्स भी डिस्प्ले की गईं।