चंडीगढ़। सुखना लेक पर बापूधाम में आने-जाने वाले एक सफाई कर्मचारी की संदिग्ध हालत में मौत हो गई। इससे लेक पर हड़कंप मच गया। मामले की सूचना पर पहुंची पुलिस को शख्स के कोरोना संदिग्ध होने के बारे में पता चला तो डॉक्टर की टीम को सूचना दी गई, लेकिन हैरानी की बात है टीम ने मौके पर पहुंचने में करीब ढाई घंटे का वक्त लगा दिया।
जानकारी के अनुसार सुखना लेक के शौचालय नंबर एक में स्वर्ण कुमार (39) पिछले काफी समय से सफाई कर्मचारी का काम करता था। वह अपनी मां और सात साल की बेटी के साथ रहता था। सुबह करीब 10 बजे स्वर्ण कुमार अपने कमरे में संदिग्ध हालत में पड़ा हुआ था। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना पर लेक चौकी इंचार्ज जसपाल सिंह टीम के साथ मौके पर पहुंचे। इस दौरान टीम ने जांच में पाया कि स्वर्ण कुमार रात करीब 11 बजे खाना खाकर कमरे में सो गया था। अगली सुबह घरवालों ने देखा तो संदिग्ध हालत में मौत हो चुकी थी। पुलिस ने जांच में पाया कि स्वर्ण कुमार का पिछले काफी दिनों से बापूधाम में आना-जाना था। इसके बाद इस पूरे मामले की जानकारी डॉक्टरों को दी गई। वहीं, शव को जीएमएसएच-16 के मोर्चरी में रखवा दिया गया। सेक्टर-3 थाना पुलिस ने पूरे मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
परिवार में दहशत का माहौल
स्वर्ण कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के बाद दहशत का माहौल बन गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम अब मृतक के कोरोना सैंपल लेगी, वहीं टीम लेक पर सैर करने वाले लोगों को चेतावनी देकर गई है। जब तक मृतक की रिपोर्ट नहीं आती, तब तक सुखना झील पर लोगों में दहशत का माहौल बना रहेगा। घटना के बाद परिजनों का रो-रो कर बुरा हाल है।
प्रशासन की बढ़ी सिरदर्दी
सुखना झील पर स्वर्ण कुमार की मौत के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। क्योंकि सुखना लेक पर कई वीवीआईपी, आला अधिकारी और आम लोग सुबह-शाम सैर करने आते हैं। अब पुलिस प्रशासन की चिंता और बढ़ गई है। अगर मृतक की रिपोर्ट पॉजिटिव आती है तो न जाने कितने लोग या अधिकारी संक्रमित हो सकते हैं।