18 जनवरी को डीएसपी अतुल सोनी और उनकी पत्नी सुनीता सोनी चंडीगढ़ के एक डिस्क में गए थे। वहां पर उनका किसी बात को लेकर विवाद हुआ और दोनों में बहसबाजी और धक्का मुक्की तक हुई। इसके बाद दोनों मोहाली स्थित अपने घर पहुंच गए। पत्नी ने आरोप लगाया था कि घर पहुंचकर पति ने उनके साथ मारपीट की और उस पर गोली तक चलाने की कोशिश की।
पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने अतुल सोनी के खिलाफ आईपीसी की धारा 323 (हमला), 307 (हत्या का प्रयास), 498-ए (घरेलू हिंसा) और आर्म्स एक्ट के तहत फेज-8 थाने में केस दर्ज किया था। केस दर्ज होने के अगले दिन ही पत्नी ने एफिडेविट जारी करके आरोप लगाया था कि पुलिस ने खुद ही फायरिंग वाली बात एफआईआर में दर्ज कर ली थी। हालांकि पुलिस का कहना है कि सोनी की पत्नी ने खुद लिखित में शिकायत दी थी और उनके पास हथियार को सुपुर्द करने के समय का वीडियो भी है। वहीं उक्त धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है।
ऐसे जारी हुए थे वारंट
इसके बाद मोहाली डीएसपी ने उक्त केस में जमानत के लिए मोहाली अदालत में अर्जी लगाई थी। अदालत ने उसे रद्द कर दिया था। इसके बाद डीएसपी ने हाईकोर्ट की शरण ली थी पर वहां भी उन्हें निराशा हाथ लगी थी। इस बीच पुलिस विभाग की सिफारिश के बाद उन्हें सस्पेंड करने के साथ ही उनके खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी थी। फिर उनके अरेस्ट वारंट व लुक आउट नोटिस जारी हुए थे