चंडीगढ़ कोर्ट, हाईकोर्ट, अदालत, न्यायालय
- फोटो : file photo
फरीदाबाद सुनपेड मामले में शिकायतकर्ता का पॉलीग्राफी टेस्ट नहीं होगा। पंचकूला में सीबीआई की विशेष अदालत में बचाव पक्ष द्वारा शिकायत कर्ता (बच्चों के पिता जितेंद्र) का पॉलीग्राफी टेस्ट करवाने के लिए एप्लीकेशन लगाई गई थी, जिसे कोर्ट ने शनिवार को सुनवाई के दौरान खारिज कर दिया।
सुनपेड़ गांव में एक दलित परिवार को जलाने के इस मामले में पंचकूला की विशेष सीबीआई की अदालत में बचाव पक्ष की एप्लीकेशन पर शिकायतकर्ता जितेंद्र के पॉलीग्राफी टेस्ट करवाने को लेकर शनिवार को सीबीआई कोर्ट में बहस हुई। बचाव पक्ष ने शिकायतकर्ता के पॉलीग्राफी टेस्ट करवाने को लेकर जनवरी 2016 को एप्लीकेशन दी थी। इस मामले में शिकायतकर्ता ने पहले ही पॉलीग्राफी टेस्ट करवाने से इंकार किया था। शनिवार को अदालत ने बचाव पक्ष की याचिका को खारिज कर दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी, जिसमें सीबीआई कोर्ट में चालान पेश करेगी।
गौरतलब है कि थाना सदर क्षेत्र के सुनपेड़ गांव में 19 अक्टूबर को दलित परिवार के कमरे की खिड़की से पेट्रोल डालकर आग लगाई गई थी। इस घटना में जितेंद्र सिंह और उनकी पत्नी रेखा बुरी तरह से झुलस गए और उनके 3 वर्षीय बेटे वैभव और 10 माह की बेटी दिव्या की मौत हो गई थी। गंभीर घायल रेखा को सफदरजंग अस्पताल में दाखिल कराया गया था। जितेंद्र ने मामले में गांव के ही 12 लोगों पर केस दर्ज कराया था। बलमत, जगत, धर्म सिंह, ऐदल सिंह, नौनिहाल, जोगिंद्र, सूरज, आकाश, अमन, संजय और देशराज पर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस ने 4 लोगों को उसी दिन गिरफ्तार कर लिया था और अन्य आरोपियों को बाद में गिरफ्तार किया गया। पीड़ित परिवार की मांग पर प्रदेश सरकार ने केस की जांच सीबीआई को सौंपी थी।
सीबीआई ने 29 अक्तूबर को आरोपियों को अरेस्ट कर केस दर्ज कर जांच शुरू की थी। आरोपियों का सीबीआई ने जनवरी में पॉलीग्राफ टेस्ट भी कराया था। मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होगी।