सनी के इस फैसले से भाजपा के वर्कर और दिग्गज नेता भी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं। गुरप्रीत सिंह मोहाली के रहने वाले हैं और उन्हें भी हलके संबंधी उतनी ही जानकारी है जितनी सांसद सनी देओल को। वहीं इस पत्र के बाद कांग्रेसियों ने भाजपा सांसद पर तंज कसा। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि क्या गुरदासपुर में मजाक चल रहा है, अपना प्रतिनिधि ही भेजना था तो सनी देओल उसे ही चुनाव लड़वा देते।
सनी देओल ने ऐसा कर लोगों की भावनाओं से खिलवाड़ किया है। कांग्रेसियों के अनुसार सनी देओल ने पहले ही कहा था कि मैं आया नहीं हूं, मैं लाया गया हूं, आगे आगे देखिए होता है क्या। भाजपा जिला प्रधान बाल कृष्ण मित्तल ने कहा कि सनी देओल संसद में व्यस्त हैं जिसके चलते उन्होंने अपने सहायक (प्रतिनिधि) के तौर पर गुरप्रीत सिंह को अथॉरिटी दी है ताकि वह हलके में रहकर यहां के काम काज को आगे बढ़ा सकें।
उन्होंने कहा कि सनी देओल संसद का सेशन खत्म होने के बाद हलके में आ सकते हैं लेकिन वह यह चाहते हैं कि यहां का काम जल्द से जल्द हो और लोगों की पहुंच अपने सांसद तक गुरप्रीत सिंह के जरिए बनी रही। यहां कई ऐसे मुद्दे है जो पूरी हाजरी चाहते हैं। मीटिंग चाहते हैं जिसके लिए सनी देओल ने गुरप्रीत सिंह को भेजा है।