आम आदमी पार्टी के पूर्व नेता सुखपाल खैरा ने रविवार को बरनाला में हुई आप की रैली को भगवंत मान की शराब छुड़ाओ रैली बताया है। उन्होंने शराब छोड़ने पर अरविंद केजरीवाल द्वारा मान की सराहना करने की आलोचना की। अपने निवास पर पत्रकारों से बातचीत में खैरा ने कहा कि केजरीवाल कह रहे हैं कि मान ने बहुत बड़ा काम किया है। इनके जैसा कोई है ही नहीं। शराब छोड़ना एक बेहद निजी फैसला है, यह अंतरात्मा की बात है।
हजारों लोगों के बीच यह एलान करना सिर्फ वोट के लिए है। गौरतलब है कि मान ने रैली में अपनी मां के सामने एलान किया था कि वह शराब नहीं पीएंगे। इसके लिए केजरीवाल ने उनकी सराहना की थी। आप छोड़ कर पंजाबी एकता पार्टी बनाने वाले खैरा ने कहा कि इससे साबित हो गया कि मान शराब पीते थे।
वह बरगाड़ी से लेकर संसद तक शराब पीकर गए थे। अब इन्होंने सारी हदें पार कर दीं, अपनी माता का सहारा लिया। दो साल बाद पंजाब आए केजरीवाल ने यहां के मुद्दों पर कुछ नहीं बोला। बेअदबी, नशे, किसानों की आत्महत्याओं पर चुप्पी साध ली। केजरीवाल कह रहे हैं कि जो पद के लालची थे, चले गए हैं। खुद के पास तीन पद हैं, सीएम, पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी के चेयरमैन और संविधान में संशोधन कर तीसरी बार कन्वीनर भी बन गए हैं। खैरा ने सवाल किया कि क्या योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण, एचएस फूलका पद के लालची थे।
महागठबंधन पर आज हो सकता है फैसला
सुखपाल खैरा ने बताया कि पंजाब डेमोक्रेटिक अलायंस की बैठक मंगलवार को होगी। जिसमें उनके अलावा डॉ. धरमवीर गांधी, लोक इंसाफ पार्टी के बैंस ब्रदर्स और बसपा नेता शामिल होंगे। इसमें शिरोमणि अकाली दल-टकसाली के साथ गठबंधन पर विचार किया जाएगा। खैरा ने कहा कि लोग उन्हें बठिंडा और संगरूर से चुनाव लड़ने को कह रहे हैं। लेकिन गठबंधन के बाद सारी पार्टियां मिल कर इस पर फैसला लेंगी।