पीपीसीसी प्रवक्ता सुखपाल खैहरा ने श्री अकाली तख्त साहिब के जत्थेदार से आग्रह किया है कि वह पंजाब के मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल से पंथ रतन की उपाधि वापस लें।
खैहरा ने इस बारे में जारी एक बयान में कहा है कि वह ऑपरेशन ब्लू स्टार के संबंध में झूठे दावे कर रहे हैं। बादल द्वारा ऐसा केवल सिखों की हमदर्दी प्रकट करने के लिए किया जा रहा है, जबकि यह स्पष्ट हो चुका है कि उनकी गिरफ्तारी ऑपरेशन ब्लू स्टार के बाद 10 जून 1984 को चंडीगढ़ से हुई।
खैहरा ने कुछ तस्वीरें प्रेस को जारी करते हुए कहा कि जिस वक्त ऑपरेशन ब्लू स्टार जारी था, उस समय बादल 3 जून, 1984 को गिदड़बाहा विधानसभा क्षेत्र के गांव गुरी संगार में जत्थेदार रूप सिंह की रिहायश पर उनके पुत्र के शगुन के कार्यक्रम में शिरकत कर रहे थे।
एक तस्वीर में वह उपस्थिति को संबोधित करते भी दिखाई पड़ रहे हैं। खैहरा के अनुसार एक तस्वीर में मुख्यमंत्री के भाई गुरदास बादल और स्वतंत्रता सेनानी केहर सिंह पन्नू भी बैठे नजर आ रहे हैं।
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार से किए गए आग्रह में खैहरा ने यह भी कहा है कि बादल और अन्य लोगों ने 21 फरवरी, 1983 और 12 मई, 1983 के दौरान एक लाख मरजीवड़ों की फौज बनाई।
हजारों नौजवानों ने भावनाओं में बहकर अपनी जानें गंवा दीं, जबकि बादल ने बहुत ही आसानी से पढ़ाई का बहाना बनाकर सुखबीर बादल को अमेरिका भेज दिया। यह मौकापरस्ती थी। इस आधार पर खैहरा ने बादल को श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा दी गई पंथ रतन की उपाधि वापस लेने की मांग की है।