पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक द्वारा कर्ज वसूली के लिए किसानों की जमीन कुर्क करने की अटकलों के बाद उठे विवाद पर सहकारिता मंत्री सुखजिंदर रंधावा ने सफाई दी है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी किसान की जमीन कुर्क नहीं करेगी। विपक्ष इस मुद्दे का सियासीकरण कर रहा है। रंधावा ने कहा कि बैंक द्वारा डिफॉल्टर किसान पर कार्रवाई शुरू करना सामान्य प्रक्रिया है। पर इसका मतलब यह नहीं है कि बैंक किसान की जमीन कुर्क करने जा रहा है। किसानों का हितैषी कहलाने वाली पिछली सरकार के समय में भी किसानों से वसूली के लिए सेल केस बना कर कानूनी कार्रवाई शुरू की जाती थी।
31 जनवरी 2016 तक 30794 डिफॉल्टर किसानों का सेल केस बना कर कार्रवाई शुरू की गई। पिछले चालीस सालों में बैंक ने 23 किसानों की जमीन नीलाम की, जो बैंक के नाम है। इनमें से बीस मामले शिअद के समय के हैं, इसलिए उसे इस मामले में बोलने का हक नहीं है। मार्च 2017 से अब तक किसी की जमीन नीलाम नहीं की गई है। रंधावा ने कहा कि बड़े और सामर्थ्यवान किसानों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है, जोकि क्षमता होने के बाद भी कर्ज नहीं लौटाते हैं।