सुखबीर बादल ने कहा कि कांग्रेस द्वारा राज्य से किए गए भेदभाव से पंजाब पहले ही लहूलुहान हो चुका है। 1955 में कांग्रेस की केंद्र सरकारों ने राजस्थान को रावी-ब्यास जल के कुल 15.85 में से 8 एमएएफ आवंटित किया था। अब पंजाब का धरती का पानी खतरनाक गहराई तक उतर गया है और भविष्य में राज्य के बड़े हिस्से राजस्थान बन सकते हैं। भगवंत मान राजस्थान को पंजाब के पानी के अतिरिक्त आवंटन का वादा कर रहे हैं, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही किया जाएगा।
रिपेरियन सिद्धांत के साथ खड़ा रहेगा शिअदः सुखबीर
अकाली दल अध्यक्ष ने कहा कि उनकी पार्टी रिपेरियन सिद्धांत के साथ खड़ी रहेगी और राजस्थान को एक बूंद भी नहीं जाने देंगे। न ही एसवाईएल नहर से हरियाणा को पानी जाने देंगे। किस तरह पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने पंजाब एसवाईएल नहर (पुनर्वास और संपत्ति अधिकारों का पुनर्निधारण) विधेयक, 2016 को पारित करके पंजाब के दरिया के जल की रक्षा की थी और एसवाईएल नहर के निर्माण के लिए अधिग्रहित जमीन किसानों को वापस कर दी थी।
राजस्थान को एक बूंद भी ज्यादा पानी नहीं देगा पंजाबः आप
आम आदमी पार्टी ने शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के आरोपों का खंडन किया है। पंजाब आप के मुख्य प्रवक्ता मलविंदर सिंह कंग ने कहा कि सुखबीर बादल राजस्थान को पानी देने के मुद्दे पर झूठ बोल रहे हैं। मान सरकार राजस्थान को एक बूंद भी ज्यादा पानी नहीं देने जा रही है।
कंग ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर पलटवार करते हुए कहा कि सुखबीर बादल मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप को बदनाम करने के लिए जानबूझकर झूठ फैला रहे हैं। पंजाब में पहले से ही पानी की काफी कमी है, इसलिए दूसरे राज्यों को ज्यादा पानी देने का सवाल ही नहीं उठता। पिछले 60-70 साल से जितना पानी राजस्थान को जा रहा है, उससे ज्यादा पानी देने की कभी कोई बात नहीं हुई है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष मान सरकार पर पंजाब का पानी दूसरे राज्यों को देने का आरोप लगा रहा है जबकि हकीकत यह है कि मान सरकार पंजाब का पानी बचाने और किसानों व कृषि की स्थिति सुधारने के लिए लगातार बड़े फैसले ले रही है। उन्होंने कहा कि जिन स्थानों पर सालों से नहर का पानी नहीं पहुंच पाया, मान सरकार वहां भी नहरी पानी पहुंचाने के लिए काम कर रही है, ताकि ग्राउंड वाटर का इस्तेमाल कृषि के कामों में न हो। कई जगहों पर नहरी पानी पहुंच भी चुका है। ये बातें विरोधी पार्टियों से पच नहीं रही हैं, इसीलिए कई विरोधी नेता साजिश के तहत मान सरकार को बदनाम करने के लिए झूठ बोल रहे हैं।