लुधियाना में राजीव गांधी की प्रतिमा पर कालिख पोतने वाले यूथ अकाली नेताओं को सुखबीर बादल ने अकाली नहीं माना। गुरदासपुर में जिला वर्करों की मीटिंग में उन्होंने कहा कि 1984 दंगों में गांधी परिवार का हाथ होने की वजह से गुस्सा जाहिर करने के लिए कुछ व्यक्तियों ने पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के बुत पर स्प्रे डालकर काला कर दिया था। कांग्रेस सरकार की ओर से उस व्यक्ति के शोरूम को तुड़वा दिया गया। उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम और कैप्टन के बयान पर कहा कि वह किसी तरह की माफी नहीं मांगेंगे।
साथ ही उन्होंने कहा कि कैप्टन अमरिंदर सिंह बताए कि वह गांधी परिवार के सदस्य हैं या सिख कौम के। सुखबीर ने आरोप लगाया कि इन पंचायती चुनावों में 10-10 लाख रुपये लेकर टिकट बेचे गए हैं। उन्हें मुख्यमंत्री पर हैरानी हो रही है कि जिन दिनों में साहिबजादों की शहीदी हुई थी, सरकार द्वारा उन्हीं दिनों में पंचायती चुनाव करवाकर शराब का सेवन करवाया जा रहा है।
मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और तृप्त रजिंदर सिंह बाजवा पर आरोप लगाते हुए बादल ने कहा कि वह अकालियों पर झूठे पर्चे दर्ज करवा रहे हैं। हमारी सरकार आने के बाद यह सभी पर्चे पर्चियों में तब्दील कर दिए जाएंगे। इन पर्चों के कारण हमारे वर्करों में ओर जोश पैदा हो रहा है लेकिन अगर हमारे द्वारा पर्चे दर्ज किए गए तो कांग्रेसियों की नींद उड़ जाएगी।
तीन जनवरी को मोदी की रैली के बारे में सुखबीर ने कहा कि नए साल की इस रैली पर एक नई जंग की शुरुआत होने जा रही है। सभी वर्कर अपने सारे काम छोड़कर इस रैली को सफल बनाने पहुंचे।